तमिलनाडु: एनएसएफडीसी की मदद से श्रीमती अकल्या बनीं आटा चक्की उद्यमी, स्वरोजगार से संवारा जीवन
डिप्लोमा के बाद रोजगार की तलाश कर रही तमिलनाडु की श्रीमती अकल्या ने एनएसएफडीसी के ऋण की मदद से आटा चक्की व्यवसाय शुरू कर सफलता हासिल की है।

तमिलनाडु के कृष्णागिरी जिले की निवासी श्रीमती अकल्या ने वित्तीय सहायता और दृढ़ संकल्प के माध्यम से स्वरोजगार के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई है। डिप्लोमा पूरा करने के बाद, उन्हें रोजगार खोजने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। वह एक ऐसा छोटा व्यवसाय शुरू करना चाहती थीं जिससे वह अपनी आजीविका कमा सकें और अपने परिवार की आर्थिक मदद कर सकें।
श्रीमती अकल्या के इस सपने को साकार करने में राष्ट्रीय अनुसूचित जाति वित्त और विकास निगम (एनएसएफडीसी) की महत्वपूर्ण भूमिका रही। एनएसएफडीसी की टर्म लोन योजना के अंतर्गत उन्हें 1 लाख 80 हजार रुपये का ऋण प्रदान किया गया। यह ऋण 20 जनवरी 2025 को तमिलनाडु ग्रामीण बैंक के माध्यम से 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर पर उपलब्ध कराया गया था।
इस वित्तीय सहायता का उपयोग करते हुए श्रीमती अकल्या ने अपने घर पर ही एक आटा चक्की स्थापित की। पूंजी की कमी को दूर करने के बाद, उन्होंने अपने हुनर और मेहनत से इस व्यवसाय का सफलतापूर्वक संचालन शुरू किया। वर्तमान में उनकी आटा चक्की सुचारू रूप से चल रही है, जिससे होने वाली आय के जरिए वह अपने परिवार की जरूरतों को पूरा कर रही हैं।
श्रीमती अकल्या की यह सफलता दर्शाती है कि आसान शर्तों पर समय पर मिलने वाली वित्तीय सहायता किसी इच्छुक व्यक्ति को उद्यमी बनाने और आत्मनिर्भर बनाने में सहायक साबित हो सकती है।