दिल्ली में स्थापित हुआ 221 फुट का रावण, तेजेंद्र चौहान और उनकी टीम को सलाम
जुनून और जिद से ऊंची उड़ान: दिल्ली में स्थापित हुआ 221 फुट का रावण, तेजेंद्र चौहान और उनकी टीम को सलामबराड़ा/दिल्ली। अपने जुनून, दृढ़ संकल्प और कुछ अलग करने की जिद के चलते मुलाना–बराड़ा क्षेत्र की पहचान राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने वाले तेजेंद्र पाल सिंह चौहान और उनकी टीम ने एक बार फिर अपनी कला का शानदार प्रदर्शन किया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिल्ली के द्वारका सेक्टर-10 में उनके द्वारा निर्मित 221 फुट ऊंचा रावण का भव्य पुतला आज सुबह चार बजे स्थापित कर दिया गया। आगामी दशहरा पर्व पर इसका दहन किया जाएगा।

जुनून और जिद से ऊंची उड़ान: दिल्ली में स्थापित हुआ 221 फुट का रावण, तेजेंद्र चौहान और उनकी टीम को सलाम
बराड़ा/दिल्ली। अपने जुनून, दृढ़ संकल्प और कुछ अलग करने की जिद के चलते मुलाना–बराड़ा क्षेत्र की पहचान राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने वाले तेजेंद्र पाल सिंह चौहान और उनकी टीम ने एक बार फिर अपनी कला का शानदार प्रदर्शन किया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिल्ली के द्वारका सेक्टर-10 में उनके द्वारा निर्मित 221 फुट ऊंचा रावण का भव्य पुतला आज सुबह चार बजे स्थापित कर दिया गया। आगामी दशहरा पर्व पर इसका दहन किया जाएगा।
छोटे से कस्बे से शुरू हुआ चौहान का यह सफर आज देश के बड़े दशहरा आयोजनों तक पहुंच चुका है। विशाल रावण के पुतलों के निर्माण में उनकी रचनात्मक सोच और कारीगरों की मेहनत ने उन्हें विशेष पहचान दिलाई है। ऊंचे पुतलों के निर्माण के लिए लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज उनकी उपलब्धियां इस सफर को और गौरवपूर्ण बनाती हैं।
इस बार दिल्ली और पंचकूला के लिए 221 फुट तथा देहरादून के लिए 181 फुट ऊंचे रावण के पुतलों का निर्माण किया जा रहा है। दिल्ली में स्थापित पुतले का विशाल आकार, सुंदर स्वरूप और आकर्षक सजावट दर्शकों का ध्यान खींच रहे हैं। दूर-दूर से लोग इसे देखने पहुंच रहे हैं और चौहान सहित उनकी पूरी टीम को बधाई दे रहे हैं।
इस भव्य निर्माण के पीछे कई महीनों का परिश्रम, अनेक कारीगरों का अथक प्रयास और टीम का मजबूत तालमेल है। विशाल ढांचा तैयार करने, प्रत्येक हिस्से को आकार देने और उन्हें जोड़कर स्थापित करने तक हर चरण में धैर्य, अनुभव और सावधानी की आवश्यकता होती है।
यह उपलब्धि केवल एक व्यक्ति की सफलता नहीं, बल्कि पूरी टीम के समर्पण और बराड़ा क्षेत्र के हुनर का सम्मान है। अपनी लगन से कल्पना को भव्य आकार देने वाले तेजेंद्र चौहान जी और उनके प्रत्येक सहयोगी को सलाम!

