राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने एम्स बिलासपुर के प्रथम दीक्षांत समारोह को संबोधित किया, किफायती स्वास्थ्य सेवाओं पर दिया जोर
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने एम्स बिलासपुर के पहले दीक्षांत समारोह में भाग लिया और चिकित्सकों से संवेदनशीलता के साथ मानवता की सेवा करने का आह्वान किया।
भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु 6 अक्तूबर 2026 को हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के प्रथम दीक्षांत समारोह में शामिल हुईं। इस अवसर पर अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने कहा कि चिकित्सा पेशे का प्राथमिक उद्देश्य मानवता की सेवा करना होना चाहिए।
राष्ट्रपति ने चिकित्सकों को संबोधित करते हुए कहा कि एक मरीज जब चिकित्सक के पास आता है, तो वह डर और अनिश्चितता के साथ-साथ उम्मीद लेकर भी आता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जहाँ ज्ञान और कौशल से बीमारी की पहचान और इलाज होता है, वहीं चिकित्सक की संवेदनशीलता और करुणापूर्ण व्यवहार मरीज को मानसिक साहस प्रदान करता है। उन्होंने चिकित्सकों से अपने पेशे में श्रेष्ठता प्राप्त करने के साथ-साथ संवेदनशीलता और करुणा को अपनाने का आह्वान किया।
एम्स की भूमिका पर चर्चा करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि न्यूनतम लागत में गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा प्रदान करना एम्स की पहचान है। उन्होंने बताया कि देश के विभिन्न हिस्सों में अनेक एम्स की स्थापना इसी उद्देश्य से की गई है ताकि अधिक से अधिक लोग योग्य चिकित्सकों की सेवाओं का लाभ उठा सकें और मेधावी विद्यार्थी उच्च कोटि की शिक्षा प्राप्त कर देश की सेवा कर सकें।
राष्ट्रपति ने एम्स बिलासपुर की भौगोलिक स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश के दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाली आबादी तक समय पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुँचाना एक बड़ी चुनौती है। उन्होंने सुझाव दिया कि एम्स बिलासपुर को उन्नत तृतीयक स्वास्थ्य सुविधा के अग्रणी केंद्र के रूप में उभरना चाहिए। इसके लिए उन्होंने टेलीमेडिसिन, दूरवर्ती क्षेत्रों के लिए विशेषज्ञ परामर्श, चिकित्सा कर्मियों के प्रशिक्षण और आधुनिक तकनीकों के उपयोग के माध्यम से पहाड़ी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की आवश्यकता बताई।
आर्थिक चुनौतियों का जिक्र करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि गंभीर बीमारियों का खर्च आम लोगों के लिए बहुत भारी होता है। उन्होंने बताया कि समाज के कमजोर वर्गों की सहायता के लिए भारत सरकार 'आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना' के तहत प्रति परिवार प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि चिकित्सा उपकरणों और दवाइयों की बढ़ती कीमतें एक गंभीर चुनौती हैं, और एम्स जैसे संस्थानों के लिए किफायती व सुलभ स्वास्थ्य सेवा समाधान विकसित करना एक महत्वपूर्ण अवसर है।

