नशा मुक्त युवा अभियान: देशभर के 167 संस्थानों में 'मेरा स्वास्थ्य, मेरा गौरव' कार्यक्रम आयोजित, 1.75 लाख लोगों ने लिया हिस्सा
युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय ने एनएसएस के माध्यम से युवाओं में स्वास्थ्य और पोषण के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा नशामुक्ति को प्रोत्साहित करने के लिए राष्ट्रव्यापी गतिविधियां आयोजित कीं।

युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय ने राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के माध्यम से 'विकसित भारत के लिए नशा मुक्त– 100 सप्ताह नशा मुक्त युवा अभियान' के तहत 25 सितंबर, 2026 को देशभर में “मेरा स्वास्थ्य, मेरा गौरव” गतिविधियों का आयोजन किया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य युवाओं के बीच बेहतर स्वास्थ्य, पोषण और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देना तथा नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले हानिकारक प्रभावों के प्रति जागरूकता पैदा करना था।
इस देशव्यापी अभियान का आयोजन 167 शैक्षणिक संस्थानों और उनके द्वारा गोद लिए गए गांवों में किया गया, जिसमें कुल 1,75,368 लोगों ने भागीदारी की। कार्यक्रम के तहत 15 से 18 वर्ष की आयु के 48,556 युवाओं की स्वास्थ्य जांच और बीएमआई (BMI) का आकलन किया गया। यह प्रक्रिया जिला स्वास्थ्य प्राधिकरणों और राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के चिकित्सा अधिकारियों के समन्वय से पूरी की गई।
जागरूकता बढ़ाने के लिए विशेषज्ञों द्वारा दो विशेष सत्र आयोजित किए गए। पहले सत्र “पोषण और अच्छे स्वास्थ्य का महत्व” में 64,938 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, जहाँ डॉक्टरों ने स्वस्थ जीवनशैली पर चर्चा की। दूसरे सत्र “अच्छे स्वास्थ्य पर नशे का प्रभाव” में 61,874 युवाओं ने भाग लिया, जिसमें नशीले पदार्थों के प्रतिकूल प्रभावों पर ध्यान केंद्रित किया गया। इसके अतिरिक्त, लगभग 62,000 युवाओं ने नशामुक्ति की शपथ ली।
आंकड़ों के अनुसार, पोषण और स्वास्थ्य सत्रों में 53.0 प्रतिशत और नशामुक्ति सत्रों में 52.6 प्रतिशत प्रतिभागियों के रूप में युवा महिलाओं ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में 95 संस्थानों ने स्थानीय नेताओं, गणमान्य व्यक्तियों और चिकित्सा पेशेवरों की मेजबानी की, जिन्होंने शिविरों का उद्घाटन कर युवाओं से संवाद किया।
यह पहल 100 सप्ताह के व्यापक ढांचे का हिस्सा है, जो रोकथाम, संरक्षण, पुनर्प्राप्ति और नेतृत्व के चार स्तंभों पर आधारित है। इसके पहले चरण में 'मेरा स्वास्थ्य, मेरा गौरव', 'स्वस्थ युवा, नशामुक्त युवा' और 'जीवन कौशल माह' जैसे विषयों पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
कुछ क्षेत्रों में क्षेत्रीय आयोजनों और मौसम के कारण गतिविधियों को स्थगित करना पड़ा। बिहार और झारखंड में अनंत चतुर्दशी, महाराष्ट्र और गोवा में गणेश विसर्जन तथा आंध्र प्रदेश के छह संस्थानों में गंभीर चक्रवाती परिस्थितियों के कारण कार्यक्रम स्थगित हुए, जिन्हें बाद में पुनर्निर्धारित किया जाएगा।


