पीएम स्मृति चिह्नों की ई-नीलामी: कर्नाटक की सांस्कृतिक विरासत और उपलब्धियों को दर्शाएंगे 30 स्मृति चिह्न
पीएम स्मृति चिह्नों के 8वें संस्करण में कर्नाटक के 30 स्मृति चिह्न शामिल किए गए हैं, जो राज्य की समृद्ध परंपराओं, शिल्प और समकालीन सफलताओं को प्रदर्शित करते हैं।

संस्कृति मंत्रालय द्वारा आयोजित पीएम स्मृति चिह्नों की ई-नीलामी के 8वें संस्करण में कर्नाटक के 30 स्मृति चिह्नों को शामिल किया गया है। यह संग्रह कर्नाटक की विविध परंपराओं, शिल्प कौशल, सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक उपलब्धियों का प्रतिनिधित्व करता है।
इस संग्रह में विभिन्न सांस्कृतिक पहलुओं को स्थान दिया गया है। देवी शारदाम्बा का स्मृति चिह्न श्रृंगेरी के ज्ञान और भक्ति के संबंधों को दर्शाता है, जबकि संत सेवालाल से संबंधित कलाकृतियां बंजारा समुदाय की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान को उजागर करती हैं। इसके अलावा, कर्नाटक की समृद्ध शिल्प परंपरा को बिदरीवेयर और किन्नाल कला की कलाकृतियों के माध्यम से दिखाया गया है। ग्रामीण परंपराओं के चित्रण के लिए कंबाला महोत्सव की फोटो प्रिंट और पहचान व सम्मान के प्रतीक के रूप में मैसूर पेटा व अन्य पारंपरिक पगड़ियों को शामिल किया गया है।
संग्रह में राज्य की समकालीन उपलब्धियों को भी प्रदर्शित किया गया है, जिसमें पैरालंपिक पदक विजेता सुहास यतिराज के हस्ताक्षर वाला बैडमिंटन रैकेट, श्री मधुसूदन साई इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च का प्रतिकृति स्केल मॉडल और अन्य आधुनिक कलाकृतियां शामिल हैं।
पीएम स्मृति चिह्नों का यह 8वां संस्करण वर्तमान में जारी है और इसकी समय सीमा बढ़ाकर 31 अक्टूबर 2026 तक कर दी गई है। इस नीलामी के माध्यम से प्राप्त होने वाली पूरी राशि 'नमामि गंगे' परियोजना के लिए उपयोग की जाएगी। इच्छुक व्यक्ति आधिकारिक पीएम स्मृति चिह्न ई-नीलामी पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन बोली लगा सकते हैं।

