पुनर्वास और परामर्श से बदला जीवन: रीवा के युवा ने बेरोजगारी और स्वास्थ्य समस्याओं को मात देकर पाई नौकरी
मध्य प्रदेश के रीवा जिले के एक 22 वर्षीय युवक ने एकीकृत पुनर्वास केंद्र की सहायता से शारीरिक-मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं को दूर कर आत्मनिर्भरता हासिल की है।

मध्य प्रदेश के रीवा जिले के एक 22 वर्षीय युवक, उदय (परिवर्तित नाम), ने अपनी व्यक्तिगत और आर्थिक कठिनाइयों को पार करते हुए आत्मनिर्भरता की दिशा में एक प्रेरक उदाहरण पेश किया है। शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं तथा बेरोजगारी से जूझ रहे उदय को निवेदिता कल्याण समिति के एकीकृत पुनर्वास केंद्र (आईआरसीए) के माध्यम से उपचार और पुनर्वास सहायता प्रदान की गई।
माध्यमिक विद्यालय तक की शिक्षा पूरी करने के बाद उदय बेरोजगारी का सामना कर रहे थे। पारिवारिक आर्थिक तंगी, पिता के मजदूर होने और साथियों के नकारात्मक प्रभाव के कारण उनके व्यक्तिगत और सामाजिक जीवन पर प्रतिकूल असर पड़ा था। आत्मविश्वास की कमी के कारण उन्हें रोजगार खोजने में भी काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ा।
उदय ने 29 अप्रैल 2025 से केंद्र में चिकित्सा उपचार और पुनर्वास सेवाएं लेना शुरू किया। यहाँ उन्हें व्यक्तिगत, समूह और पारिवारिक परामर्श दिया गया, जिससे उन्हें अपने पारिवारिक संघर्षों और व्यक्तिगत समस्याओं से निपटने में मदद मिली। डॉक्टरों की नियमित निगरानी, दवाओं के साथ-साथ योग और ध्यान सत्रों के माध्यम से उनके स्वास्थ्य में सुधार हुआ और उनकी आक्रामकता नियंत्रित हुई।
पुनर्वास परामर्श के दौरान विशेष रूप से स्थायी आय के साधन विकसित करने पर ध्यान केंद्रित किया गया। इस निरंतर सहयोग के परिणामस्वरूप उदय के आत्मविश्वास और भावनात्मक स्थिति में सकारात्मक बदलाव आया। वर्तमान में उदय एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं। उनकी यह यात्रा दर्शाती है कि उचित उपचार, परामर्श और पुनर्वास सहायता के माध्यम से युवा व्यक्ति अपने आत्मविश्वास को पुनः प्राप्त कर एक स्थिर और उत्पादक जीवन की ओर बढ़ सकते हैं।


