पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय ने ईएसटीआईसी 2026 के लिए 'महासागर विज्ञान और समुद्री प्रौद्योगिकी' विषयगत समारोह का आयोजन किया
कोच्चि में आयोजित इस समारोह का उद्देश्य समुद्री अनुसंधान और प्रौद्योगिकी के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा विकसित भारत 2047 की दिशा में वैज्ञानिक क्षमताओं को मजबूत करना है।

पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के संबद्ध कार्यालय, समुद्री जीव संसाधन और पारिस्थितिकी केंद्र (सीएमएलआरई) ने कोच्चि स्थित अपने परिसर में उभरते विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार सम्मेलन (ईएसटीआईसी) 2026 के विषयगत उद्घाटन समारोह का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का मुख्य विषय 'महासागर विज्ञान और समुद्री प्रौद्योगिकी' रखा गया था।
इस उद्घाटन समारोह का आयोजन इंडोओबिस (हिंद महासागर जैव विविधता सूचना प्रणाली) पोर्टल की हितधारक सहभागिता कार्यशाला के साथ किया गया। इंडोओबिस पोर्टल को देश के 'गहन महासागर मिशन' के अंतर्गत जैव विविधता अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए विकसित किया गया है। इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण किया गया, जिससे वैज्ञानिक, शोधकर्ता, छात्र और डेटा प्रबंधक समुद्री अनुसंधान और डेटा साझाकरण नेटवर्क को मजबूत करने के लिए एक साथ जुड़ सके।
इससे पूर्व, 10 सितंबर 2026 को नई दिल्ली के राष्ट्रीय मीडिया केंद्र में विज्ञान और प्रौद्योगिकी, पृथ्वी विज्ञान और प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह द्वारा ईएसटीआईसी 2026 का शुभारंभ किया गया था।
वीडियो संदेश के माध्यम से पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के सचिव डॉ. श्रीनिवास कुमार तुम्माला ने कहा कि मंत्रालय प्रधानमंत्री के उस दृष्टिकोण का समर्थन करता है जिसमें समुद्री संसाधनों को आर्थिक वृद्धि और 'विकसित भारत 2047' के प्रमुख चालकों के रूप में देखा गया है। उन्होंने ईएसटीआईसी को वैज्ञानिक सहयोग का एक प्रमुख वार्षिक मंच बताया, जो वैश्विक विशेषज्ञों, नोबेल पुरस्कार विजेताओं और नीति निर्माताओं को अत्याधुनिक अनुसंधान और नवाचार पर चर्चा के लिए जोड़ता है।
समारोह के दौरान 'महासागर विज्ञान और समुद्री प्रौद्योगिकी' विषय पर आधारित सूचना ब्रोशर और वीडियो का विमोचन भी किया गया। इस अवसर पर उपस्थित लोगों को 27-29 अक्टूबर 2026 तक नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित होने वाले आगामी कार्यक्रमों की जानकारी दी गई। इसमें डॉ. किलापार्टी रामकृष्ण का मुख्य भाषण, डॉ. सतीश सी. शेनोई, डॉ. पूर्णिमा जलिहाल और डॉ. लीना वाचानी जैसी हस्तियों की आमंत्रित वार्ताएं शामिल हैं।
इसके अलावा, पूर्व सचिव डॉ. एम. रविचंद्रन के संचालन में 'महासागर विज्ञान और समुद्री प्रौद्योगिकी: ज्ञान, नवाचार और सतत प्रौद्योगिकी का सेतु' विषय पर एक पैनल चर्चा आयोजित की गई। इस पैनल में कमोडोर अभिनव डी. बर्वे, डॉ. ग्रिंसन जॉर्ज, डॉ. शुभा सत्येंद्रनाथ, संजय रेड्डी और डॉ. सुब्बा राव पावुलुरी शामिल थे।
डॉ. श्रीनिवास कुमार तुम्माला ने बताया कि ईएसटीआईसी 2026 में विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार के 12 रणनीतिक विषयगत क्षेत्रों को शामिल करने की योजना है, जिनमें महासागर विज्ञान और समुद्री प्रौद्योगिकी एक प्रमुख सत्र है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इसमें देश भर के वैज्ञानिक संस्थानों, सरकारी विभागों, स्टार्टअप्स और नवोन्मेषकों की व्यापक भागीदारी होगी।



