बुजुर्गों की देखभाल के लिए NISD ने आयोजित किया 11-दिवसीय 'ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स' कार्यक्रम
राष्ट्रीय समाज रक्षा संस्थान (NISD) ने जेरियाट्रिक केयर प्रोवाइडर जॉब रोल के लिए मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षित करने हेतु एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया है।

केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के तहत आने वाले राष्ट्रीय समाज रक्षा संस्थान (NISD) ने दिल्ली के द्वारका स्थित अपने परिसर में बुजुर्गों की देखभाल ('जेरियाट्रिक केयर प्रोवाइडर') जॉब रोल के लिए मास्टर ट्रेनर्स के लिए 11-दिवसीय 'ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स' (ToT) कार्यक्रम आयोजित किया। NISD के सीनियर सिटिजन डिवीजन (Sr.CD) द्वारा आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 7 से 18 सितंबर 2026 तक चला।
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बुजुर्गों की देखभाल के प्रशिक्षण में गुणवत्ता, मानकीकरण और पेशेवर क्षमता को बढ़ाना था। इसके माध्यम से संस्थान एक ऐसे प्रमाणित मास्टर ट्रेनर्स के राष्ट्रीय पूल का निर्माण करना चाहता है, जो देशभर में देखभाल करने वालों को उच्च गुणवत्ता वाला क्षमता-आधारित प्रशिक्षण दे सकें। इस प्रशिक्षण में GNM, B.Sc. नर्सिंग, पोस्ट बेसिक B.Sc. नर्सिंग, M.Sc. नर्सिंग और MBBS जैसे विभिन्न पेशेवर पृष्ठभूमि वाले प्रतिभागी शामिल हुए।
उद्घाटन सत्र में सीनियर सिटिजन डिवीजन के उप निदेशक डॉ. एच.सी. श्रीधरा चन्नाकेशव रंगा रेड्डी ने कार्यक्रम के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए डोमेन स्किल्स और प्लेटफॉर्म स्किल्स के समन्वय पर जोर दिया। कार्यक्रम को दो मुख्य भागों में बांटा गया था। 'डोमेन स्किल्स' हिस्सा जेरियाट्रिक केयर प्रोवाइडर की पेशेवर क्षमताओं पर केंद्रित था, जबकि 'प्लेटफॉर्म स्किल्स' के माध्यम से प्रतिभागियों की बातचीत, निर्देश देने, मूल्यांकन करने और प्रशिक्षण देने की क्षमताओं को निखारा गया।
प्रशिक्षण के दौरान कई महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया गया, जिनमें उम्र के साथ शारीरिक बदलाव और स्वास्थ्य समस्याएं, सक्रिय बुढ़ापा, बुजुर्गों का पोषण, डिमेंशिया की देखभाल, मानसिक स्वास्थ्य, गैर-संक्रामक रोगों का प्रबंधन, प्राथमिक चिकित्सा, आपातकालीन देखभाल, योग और ध्यान तथा देखभाल करने वाले की अपनी स्वयं की देखभाल जैसे विषय शामिल थे।
इस कार्यक्रम में विशेषज्ञों के नेतृत्व में इंटरैक्टिव सेशन आयोजित किए गए। सुश्री जैस्मीन हुसैन ने 'प्लेटफॉर्म स्किल्स' पर सत्र लिया, जबकि डॉ. गहन एस. जॉइस, डॉ. के.एस. बघोटिया, श्री प्रेम पोद्दार, श्री अरविंद नारायणन, श्री आर. नरेंद्र, श्री विष्णु शंकर, सुश्री दीपिका शर्मा, सुश्री सुधा झिजारिया और सुश्री तेजस्विनी ने विभिन्न डोमेन स्किल क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया।
प्रशिक्षण पद्धति में लेक्चर के साथ-साथ रोल प्ले, प्रैक्टिकल एक्सरसाइज, डेमो, समूह गतिविधि और केस-आधारित लर्निंग को शामिल किया गया ताकि तकनीकी ज्ञान और सिखाने की क्षमता दोनों का विकास हो सके। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए।
उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय व्यावसायिक प्रशिक्षण एवं प्रशिक्षण परिषद (NCVET) ने NISD को 'अवार्डिंग बॉडी' के रूप में मान्यता दी है, जो बुजुर्गों की देखभाल के क्षेत्र में व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।



