भाटी माइंस में 10,000 अश्वगंधा पौधों का रोपण: AIIA और 132 इन्फैंट्री बटालियन की संयुक्त पहल
अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान और 132 इन्फैंट्री बटालियन ने दक्षिण दिल्ली के भाटी माइंस में अश्वगंधा पौधारोपण और वैज्ञानिक अनुसंधान परियोजना शुरू की है।

अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA), नई दिल्ली और 132 इन्फैंट्री बटालियन (प्रादेशिक सेना) ईको राजपूत ने दक्षिण दिल्ली के भाटी माइंस स्थित टेरियर्स हर्बल गार्डन में अश्वगंधा पौधारोपण एवं अनुसंधान पहल की शुरुआत की है। 24 सितंबर 2026 को आयोजित इस कार्यक्रम का नेतृत्व AIIA के निदेशक प्रो. (वैद्य) प्रदीप कुमार प्रजापति और 132 इन्फैंट्री बटालियन (प्रादेशिक सेना) ईको राजपूत के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल मोहन सिंह ने किया।
इस संयुक्त पहल के अंतर्गत 10,000 अश्वगंधा (Withania somnifera (L.) Dunal) पौधों के रोपण और उनकी नियमित वैज्ञानिक निगरानी की योजना बनाई गई है। इस परियोजना में AIIA के औषधीय पादप और वैज्ञानिक अनुसंधान के अनुभव को 132 इन्फैंट्री बटालियन के जैव विविधता संरक्षण और पर्यावरण सुधार के जमीनी अनुभव के साथ जोड़ा गया है। पौधारोपण के साथ-साथ पौधों के विकास का अवलोकन और दस्तावेजीकरण किया जाएगा, जिससे अरावली क्षेत्र की स्थानीय जलवायु में अश्वगंधा के अनुकूलन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त होगी।
इस अवसर पर प्रो. (वैद्य) प्रदीप कुमार प्रजापति ने बताया कि यह पहल आयुर्वेदिक ज्ञान को वैज्ञानिक अनुसंधान और पारिस्थितिकी पुनर्स्थापन से जोड़ती है। उन्होंने कहा कि अश्वगंधा के व्यवस्थित संवर्धन और वैज्ञानिक दस्तावेजीकरण से ज्ञान सृजन और जैव विविधता संरक्षण में योगदान दिया जा सकता है।
भाटी माइंस क्षेत्र दिल्ली के दक्षिणी रिज और अरावली परिदृश्य का हिस्सा है, जहाँ 132 इन्फैंट्री बटालियन द्वारा खनन से प्रभावित क्षेत्रों में हरित पुनर्स्थापन का कार्य किया जा रहा है। टेरियर्स हर्बल गार्डन में पहले से ही हरसिंगार, आंवला और घृतकुमारी (एलोवेरा) सहित लगभग 200 औषधीय प्रजातियों का संरक्षण किया गया है। अब इस गार्डन के वैज्ञानिक प्रबंधन और रखरखाव के लिए AIIA तकनीकी सहयोग प्रदान करेगा।
कार्यक्रम के दौरान AIIA के द्रव्यगुण विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. मीना देवगड़े, एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. शिवानी घिल्डियाल, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. विधान महाजन और पीएचडी शोधार्थियों सहित सैन्य अधिकारी और कर्मी उपस्थित रहे। इस पहल के समन्वय में मेजर जय सिंह शेखावत और मेजर (डॉ.) आशीष कुमार ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उल्लेखनीय है कि आयुष मंत्रालय के तहत राष्ट्रीय औषधीय पादप बोर्ड (NMPB) द्वारा भी “अश्वगंधा—एक स्वास्थ्य संवर्धक” अभियान चलाया गया है। वर्तमान पहल का उद्देश्य औषधीय अनुसंधान को पर्यावरण सुधार से जोड़कर एक पर्यावरण-अनुकूल पारिस्थितिकी तंत्र का विकास करना है।


