भारत सरकार का लक्ष्य 2030 तक लाइव इवेंट्स क्षेत्र को दोगुना करना, एकल-खिड़की मंजूरी प्रणाली पर जोर
लाइव इवेंट्स डेवलपमेंट सेल की 5वीं बैठक में क्षेत्र की 44% वृद्धि की समीक्षा की गई और 2030 तक इसे दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया है।

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सचिव श्री चंचल कुमार ने लाइव इवेंट्स डेवलपमेंट सेल (एलईडीसी) की 5वीं बैठक में जानकारी दी कि भारत के लाइव इवेंट्स क्षेत्र में पिछले एक वर्ष में 44 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। देश भर में लगभग 34,000 कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिससे एक करोड़ से अधिक लोगों की आजीविका को समर्थन मिल रहा है। सरकार ने 2030 तक इस क्षेत्र को दोगुना करने का लक्ष्य निर्धारित किया है, जिससे 1.5 से 2 करोड़ प्रत्यक्ष और संबद्ध रोजगार सृजित होने की संभावना है।
बैठक के दौरान 'इंडिया सिने हब' (ICH) पोर्टल के माध्यम से लाइव इवेंट उद्योग के लिए सिंगल विंडो क्लीयरेंस प्रणाली के कार्यान्वयन की समीक्षा की गई। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से आग्रह किया गया है कि वे अपनी विभागीय और स्थानीय लाइसेंसिंग प्रणालियों को इस पोर्टल के साथ एकीकृत करें और पूरी प्रक्रिया को समयबद्ध सार्वजनिक सेवा के रूप में संचालित करें। अब तक पांच राज्यों ने 'भारत में लाइव इवेंट्स के लिए लाइसेंस और अनुमतियों को सुव्यवस्थित करने संबंधी मॉडल कार्यकारी आदेश, 2026' को अपनाया है, जिसमें महाराष्ट्र राज्य ने अपने कार्यान्वयन पर प्रस्तुति दी है।
एलईडीसी में वर्तमान में 14 केंद्रीय मंत्रालय, 10 राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेश और 21 उद्योग निकाय शामिल हैं। नोडल अधिकारियों वाले राज्यों की संख्या 16 से बढ़कर 29 हो गई है। गृह मंत्रालय ने विदेशी कलाकारों के अल्पकालिक प्रवास के लिए एफआरआरओ (FRRO) पंजीकरण आवश्यकताओं को सरल बनाया है।
बैठक में अगली पीढ़ी के सुधारों पर भी चर्चा हुई, जिनमें एकल राष्ट्रीय संगीत लाइसेंस व्यवस्था, ध्वनि प्रदूषण नियम 2000 के तहत अधिसूचित मनोरंजन क्षेत्र और अंतरराष्ट्रीय कलाकारों के भुगतान के लिए विदेशी धन-प्रेषण सीमा में ढील देने के प्रस्ताव शामिल हैं। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) और भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) ने अपनी संपत्तियों पर इवेंट्स आयोजित करने के लिए मानक संचालन प्रक्रियाएं (SOP) जारी की हैं, ताकि आयोजकों को बार-बार अनुमति न लेनी पड़े।
इसके अलावा, कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय द्वारा लाइव मनोरंजन कौशल को राष्ट्रीय कौशल योग्यता ढांचे (NSQF) में शामिल करने और पर्यटन मंत्रालय द्वारा भारत को कार्यक्रम-आधारित पर्यटन के वैश्विक केंद्र के रूप में बढ़ावा देने पर चर्चा हुई। प्रस्तावित है कि महिलाओं और दिव्यांगजनों की सुरक्षा के लिए समावेशी दिशानिर्देश और 'ग्रीन कॉन्सर्ट प्रोटोकॉल' उद्योग के सहयोग से 'वेव्ज़ (WAVES) 2027' में शुरू किए जाएं।


