इस्पात मंत्रालय ने 'कार्यस्थल पर मन की शांति' विषय पर चिंतन शिविर का आयोजन किया
नई दिल्ली में आयोजित इस शिविर का उद्देश्य अधिकारियों और कर्मचारियों को तनावमुक्त कार्य वातावरण बनाने और भावनात्मक शक्ति विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करना था।

इस्पात मंत्रालय ने नई दिल्ली के चाणक्यपुरी स्थित सिविल सेवा अधिकारी संस्थान (सीएसओआई) में 'कार्यस्थल पर मन की शांति' विषय पर एक लघु चिंतन शिविर का आयोजन किया। इस सत्र का मुख्य उद्देश्य मंत्रालय के अधिकारियों और कर्मचारियों को भावनात्मक शक्ति विकसित करने और एक तनावमुक्त कार्य वातावरण तैयार करने के लिए प्रेरित करना था। इस कार्यक्रम में प्रसिद्ध आध्यात्मिक वक्ता ब्रह्मा कुमारी सिस्टर शिवानी ने मुख्य अतिथि और मुख्य वक्ता के रूप में शिरकत की।
कार्यक्रम के प्रारंभ में इस्पात मंत्रालय के सचिव श्री संदीप पौंड्रिक ने सभा को संबोधित किया। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि कार्यस्थल पर मानसिक शांति बनाए रखना अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसका सीधा सकारात्मक प्रभाव कार्य की उत्पादकता और दक्षता पर पड़ता है।
मुख्य वक्ता सिस्टर शिवानी ने उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों से तनाव को कम करने और सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार किसी लक्ष्य को प्राप्त करने का दृढ़ निश्चय हमें सफलता की ओर ले जाता है, ठीक उसी प्रकार तनाव प्रबंधन में भी यही दृष्टिकोण कारगर होता है। उन्होंने हर परिस्थिति में सकारात्मकता बनाए रखने के महत्व को रेखांकित किया।
संकल्प की शक्ति पर चर्चा करते हुए सिस्टर शिवानी ने बताया कि जब किसी संकल्प को बार-बार दोहराया जाता है, तो वह हमारे जीवन, विचारों और व्यवहार को आकार देने लगता है। उन्होंने सचेत रहने की आवश्यकता पर बल दिया ताकि विचार और संकल्प सकारात्मक बने रहें। उन्होंने कहा कि 'संकल्प से सिद्धि' का यही नियम समाज और देश को प्रगति के मार्ग पर आगे ले जा सकता है।


