भोपाल में अमित शाह ने गौपालक सम्मेलन को किया संबोधित, नई न्याय संहिताओं की प्रदर्शनी का किया उद्घाटन
केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने भोपाल में पशुपालकों के लिए डेयरी क्षेत्र में विकास योजनाओं और नवीन न्याय संहिताओं के माध्यम से न्यायिक सुधारों पर जोर दिया।

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने मध्य प्रदेश के भोपाल स्थित दशहरा मैदान में आयोजित गौपालक सम्मेलन को संबोधित किया और नवीन न्याय संहिताओं पर आयोजित राज्य स्तरीय प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। इस अवसर पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उपमुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा और श्री राजेंद्र शुक्ला सहित राज्य सरकार के मंत्री, सांसद और विधायक उपस्थित थे।
नवीन न्याय संहिताओं के संबंध में श्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश ने औपनिवेशिक काल की दंड-केंद्रित व्यवस्था को बदलकर नागरिकों को न्याय प्रदान करने वाली आधुनिक व्यवस्था अपनाई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नए कानूनों का मूल मंत्र 'दंड' नहीं बल्कि 'न्याय' है। उन्होंने बताया कि नई प्रणाली में इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, ऑनलाइन सुनवाई, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और फॉरेंसिक साइंस जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया गया है। इसका लक्ष्य एफआईआर से लेकर सर्वोच्च न्यायालय तक की न्यायिक प्रक्रिया को समयबद्ध बनाना है।
सहकारिता और डेयरी क्षेत्र पर चर्चा करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के 'सहकार से समृद्धि' विजन के तहत अलग सहकारिता मंत्रालय की स्थापना से किसानों और पशुपालकों को लाभ मिल रहा है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2014-15 में देश का कुल दुग्ध उत्पादन लगभग 14.60 करोड़ टन था, जो अब बढ़कर लगभग 24.80 करोड़ टन हो गया है। साथ ही, प्रति व्यक्ति दूध उपलब्धता 307 ग्राम से बढ़कर 485 ग्राम प्रतिदिन हो गई है, जिससे भारत दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक देश बन गया है।
श्री अमित शाह ने 'श्वेत क्रांति 2.0' का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके तहत देशभर में 75 हजार नई सहकारी डेयरियां स्थापित की जाएंगी और 46 हजार मौजूदा डेयरियों को मजबूत किया जाएगा, जिसका बड़ा लाभ मध्य प्रदेश को मिलेगा। उन्होंने गौवंश और भैंस की नस्ल सुधार के लिए मध्य प्रदेश सरकार द्वारा 50 एकड़ भूमि उपलब्ध कराने पर सैद्धांतिक सहमति मिलने की जानकारी दी। इसके अलावा, गोबर आधारित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए पांच मॉडल तैयार किए गए हैं ताकि किसानों की आय बढ़ सके।
कार्यक्रम के दौरान कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का लोकार्पण और भूमिपूजन किया गया। श्री अमित शाह ने उज्जैन में ₹255 करोड़ की लागत से बनने वाले 3 लाख लीटर प्रतिदिन क्षमता के दुग्ध प्रोसेसिंग प्लांट का डिजिटल भूमिपूजन किया। भोपाल में ₹16.5 करोड़ की लागत से तैयार प्रोडक्ट डेयरी प्लांट और ₹12.42 करोड़ की लागत वाली राज्य स्तरीय केंद्रीय प्रयोगशाला का लोकार्पण किया गया। साथ ही, शिवपुरी में ₹6.5 करोड़ की लागत से मिनी डेयरी प्लांट के सुदृढ़ीकरण कार्य का भी लोकार्पण किया गया।
इस अवसर पर KRIBHCO और मध्य प्रदेश राज्य जैवविविधता बोर्ड के बीच 'मोरवन प्रोजेक्ट' के तहत नगर वन विकसित करने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। कार्यक्रम में भोपाल और इंदौर दुग्ध संघ के पशुपालकों को बोनस, गौशालाओं को सहायता राशि और दुग्ध सहकारी समितियों के सदस्यों को लाभांश वितरित किया गया। साथ ही, 'गौपालक दीदियों' को सम्मानित किया गया और डॉ. भीमराव अम्बेडकर कामधेनु योजना के तहत स्वीकृति पत्र प्रदान किए गए।


