रबी सत्र 2027-28 के लिए 6 फसलों के MSP में भारी बढ़ोतरी, लागत पर मिलेगा 106% तक का मुनाफा
केंद्र सरकार ने रबी विपणन सत्र 2027-28 के लिए सभी 6 अनिवार्य फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में वृद्धि को मंजूरी दी है, जिससे किसानों को उत्पादन लागत पर 50% से 106% तक का लाभ मिलेगा।
केंद्र सरकार ने रबी विपणन सत्र 2027-28 के लिए सभी 6 अनिवार्य फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में भारी बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने एक प्रेस वार्ता में बताया कि यह निर्णय किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण और उनकी आय बढ़ाने के उद्देश्य से लिया गया है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार की नीति के अनुसार किसानों को उनकी औसत उत्पादन लागत (A2+FL) पर कम से कम 50% या उससे अधिक का लाभ सुनिश्चित किया गया है। रबी सत्र 2027-28 के लिए घोषित MSP में अखिल भारतीय भारित औसत उत्पादन लागत पर 50% से 106% तक का मार्जिन दिया गया है। इसमें सबसे अधिक मार्जिन गेहूं पर 106%, रेपसीड एवं सरसों पर 96% और मसूर पर 92% निर्धारित किया गया है।
रबी फसलों की नई MSP दरें इस प्रकार हैं: - कुसुम (Safflower): नई MSP ₹7,215 प्रति क्विंटल (₹675 की वृद्धि) - रेपसीड एवं सरसों (Rapeseed & mustard): नई MSP ₹6,613 प्रति क्विंटल (₹413 की वृद्धि) - मसूर (Lentil): नई MSP ₹7,390 प्रति क्विंटल (₹390 की वृद्धि) - जौ (Barley): नई MSP ₹2,286 प्रति क्विंटल (₹136 की वृद्धि) - चना (Gram): नई MSP ₹5,958 प्रति क्विंटल (₹83 की वृद्धि) - गेहूं (Wheat): नई MSP ₹2,610 प्रति क्विंटल (₹25 की वृद्धि)
श्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि 2004-05 से 2013-14 के बीच रबी फसलों की MSP खरीद पर ₹2.65 लाख करोड़ का भुगतान किया गया था, जो मोदी सरकार के कार्यकाल (2014-15 से 2025-26) में बढ़कर ₹8.36 लाख करोड़ हो गया है।
दालों के आयात पर निर्भरता कम करने के लिए 'राष्ट्रीय दलहन मिशन' के तहत मसूर और चना की MSP में वृद्धि की गई है। इसके साथ ही 'राइस फेलो एरिया' पहल शुरू की गई है, जिसके तहत धान की कटाई के बाद खाली रहने वाले खेतों में दलहनी फसलें उगाने के लिए किसानों को उन्नत बीज, तकनीकी परामर्श और वित्तीय सहायता दी जाएगी।
तिलहन क्षेत्र में आत्मनिर्भरता लाने के लिए सरसों और रेपसीड के साथ-साथ आदिवासी क्षेत्रों में उगाई जाने वाली कुसुम की फसल के समर्थन मूल्य में भी महत्वपूर्ण बढ़ोतरी की गई है। जौ के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए इसकी MSP में ₹136 प्रति क्विंटल का इजाफा किया गया है ताकि विदेशी आयात को रोका जा सके और जल-संरक्षण को प्रोत्साहन मिले।
कृषि मंत्रालय ने राज्यों की जरूरतों के अनुसार 'स्टेट-स्पेसिफिक रबी प्लान' भी तैयार किया है। महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे सूखे प्रभावित राज्यों के लिए सूखा-प्रतिरोधी फसलों की योजना बनाई गई है, जबकि मध्य प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों के लिए सघन उत्पादन केंद्रित रणनीति लागू की जा रही है।


