विकसित भारत अभियान: 'मेरा स्वास्थ्य, मेरा गर्व' पहल के जरिए 2.5 लाख से अधिक युवाओं ने लिया नशा-मुक्ति का संकल्प
युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के तहत आयोजित इस अभियान में देश के 400 से अधिक स्थानों पर स्वास्थ्य, कल्याण और नशा मुक्ति जागरूकता गतिविधियां संचालित की गईं।

विकसित भारत अभियान के अंतर्गत 'नशा-मुक्त युवा' पहल के हिस्से के रूप में देश भर में 'मेरा स्वास्थ्य, मेरा गर्व' गतिविधियों का आयोजन किया गया। युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के इस अभियान को 'माई भारत' और उसके सहयोगी संगठनों ने संचालित किया, जिसके तहत देशभर के 400 से अधिक स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन गतिविधियों में 2.5 लाख से अधिक युवाओं और नागरिकों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।
इस देशव्यापी पहल का मुख्य उद्देश्य युवाओं के बीच शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देना और नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले हानिकारक प्रभावों के प्रति जागरूकता फैलाना था। इन कार्यक्रमों के माध्यम से प्रतिभागियों को स्वस्थ और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के महत्व से अवगत कराया गया।
अभियान के दौरान विभिन्न स्थानों पर हेल्थ चेक-अप कैंप, स्वास्थ्य विशेषज्ञों के साथ चर्चा सत्र और मेडिटेशन सेशन आयोजित किए गए। स्वास्थ्य केंद्रित इन गतिविधियों ने युवाओं को अपनी शारीरिक सेहत के प्रति जागरूक किया, वहीं विशेषज्ञों के साथ हुए सत्रों ने उन्हें स्वास्थ्य पेशेवरों से जुड़ने और बचाव-आधारित स्वास्थ्य प्रबंधन व सोच-समझकर निर्णय लेने के महत्व को समझने का अवसर दिया।
मानसिक सेहत पर जोर देते हुए आयोजित मेडिटेशन और वेलनेस सेशन ने प्रतिभागियों को दैनिक चुनौतियों का सामना करने के लिए सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम के दौरान कई स्थानों पर 'नशा-मुक्त युवा शपथ' भी दिलाई गई, जिसमें प्रतिभागियों ने स्वस्थ और नशा-मुक्त जीवन जीने का संकल्प लिया।
विकसित भारत अभियान की इस 'नशा-मुक्त युवा' पहल का लक्ष्य जागरूकता, रोकथाम और सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से युवाओं को निरंतर प्रेरित करना है। 'मेरा स्वास्थ्य, मेरा गर्व' गतिविधियां इस बात पर बल देती हैं कि शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक कल्याण और सही निर्णय लेना एक नशा-मुक्त समाज के निर्माण के लिए आवश्यक आधार हैं।
