विधायी विभाग ने 'स्वच्छता ही सेवा 2026' अभियान के तहत ई-कचरा प्रबंधन पर कार्यशाला आयोजित की
विधि और न्याय मंत्रालय के विधायी विभाग ने नई दिल्ली में ई-कचरे की चुनौतियों और उनके उचित निपटान के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए एक कार्यशाला का आयोजन किया।

राष्ट्रव्यापी 'स्वच्छता ही सेवा 2026' अभियान के अंतर्गत, विधि और न्याय मंत्रालय के विधायी विभाग ने 23 सितंबर, 2026 को नई दिल्ली के कर्तव्य भवन-2 के कॉन्फ्रेंस हॉल में एक ई-कचरा कार्यशाला का आयोजन किया। इस सत्र का नेतृत्व संयुक्त सचिव और विधायी परामर्शदाता श्री जी. पनमेई ने किया, जिसमें विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और स्टाफ सदस्यों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।
इस इंटरैक्टिव कार्यशाला के माध्यम से प्रतिभागियों को इलेक्ट्रॉनिक कचरे (ई-कचरा) से जुड़ी गंभीर चुनौतियों और बढ़ती चिंताओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने कार्यालयों में उपयोग होने वाले इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों, जैसे कंप्यूटर, प्रिंटर, केबल और मोबाइल फोन के जीवनचक्र पर चर्चा की। साथ ही, इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि इन उपकरणों को सामान्य कचरे के डिब्बों में नहीं फेंकना चाहिए।
कार्यशाला के उद्देश्यों को स्पष्ट करते हुए श्री जी. पनमेई ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से अपील की कि वे अप्रचलित इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं के उचित पृथक्करण, सुरक्षित संग्रह और रीसाइक्लिंग के लिए केवल अधिकृत चैनलों का ही उपयोग करें। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने के लिए जिम्मेदार ई-कचरा प्रबंधन के महत्व को रेखांकित किया और संसाधन पुनर्प्राप्ति तथा पुन: उपयोग को बढ़ावा देने पर जोर दिया ताकि पर्यावरण प्रदूषण को कम किया जा सके।


