हैदराबाद में दक्षिण क्षेत्रीय कृषि सम्मेलन का आयोजन, टिकाऊ और लचीली खेती पर होगा मंथन
भारत सरकार का कृषि एवं किसान कल्याण विभाग 18 सितंबर को हैदराबाद में दक्षिण क्षेत्रीय कृषि सम्मेलन आयोजित करेगा, जिसमें कृषि क्षेत्र की प्रमुख प्राथमिकताओं और नवाचारों पर चर्चा होगी।

भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा 18 सितंबर को हैदराबाद में 'क्षेत्रीय कृषि सम्मेलन - दक्षिण क्षेत्र' का आयोजन किया जाएगा। इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य टिकाऊ और लचीली खेती के उपायों पर विचार-विमर्श करना है। इस कार्यक्रम में केंद्र सरकार, दक्षिण भारतीय राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधियों के साथ-साथ कृषि विशेषज्ञों, आईसीएआर (ICAR) संस्थानों, प्रगतिशील किसानों और अन्य संबंधित हितधारकों को एक साथ लाया जाएगा।
सम्मेलन में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान, राज्य मंत्री श्री राम नाथ ठाकुर और श्री भागीरथ चौधरी उपस्थित रहेंगे। इसके अतिरिक्त तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, पुदुचेरी और लक्षद्वीप के मंत्री तथा वरिष्ठ अधिकारी भी इस बैठक में शामिल होंगे।
इस सम्मेलन के दौरान कई महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं पर चर्चा की जाएगी, जिनमें डिजिटल कृषि, किसान रजिस्ट्री, उच्च-मूल्य वाली बागवानी और मूल्यवर्धन, दालों एवं खाद्य तेलों में आत्मनिर्भरता, प्राकृतिक खेती, एकीकृत कृषि प्रणालियां और संतुलित उर्वरक प्रबंधन शामिल हैं। साथ ही, नकली उर्वरकों और कीटनाशकों की जांच के उपायों पर भी विचार किया जाएगा।
सम्मेलन में विभिन्न राज्य अपनी नवाचार प्रणालियों और सर्वोत्तम प्रथाओं का प्रदर्शन करेंगे। इसमें तेलंगाना का 'रायथु नेस्थम', आंध्र प्रदेश का मौसम परिवर्तनशीलता से निपटने का दृष्टिकोण, कर्नाटक की दलहन उत्पादन पद्धतियां, केरल की खरीद और बाजार पहल, तथा तमिलनाडु की प्रिसिजन फार्मिंग और हाई-टेक कृषि प्रमुख आकर्षण होंगे।
इस आयोजन का लक्ष्य केंद्र और राज्यों के बीच तालमेल को मजबूत करना और सफल पहलों को साझा करना है। इसके माध्यम से कृषि में आत्मनिर्भरता, जलवायु-अनुकूल कृषि, और भंडारण, प्रसंस्करण तथा विपणन के लिए एक मजबूत बुनियादी ढांचा तैयार करने हेतु लक्षित रणनीतियां विकसित करने का प्रयास किया जाएगा।



