15वीं संयुक्त राष्ट्र कांग्रेस: भारत ने प्रस्तुत किए नए आपराधिक कानून और डिजिटल न्याय सुधार
अबू धाबी में आयोजित 15वीं संयुक्त राष्ट्र कांग्रेस में भारत ने अपनी प्रौद्योगिकी-सक्षम न्याय प्रणाली और नए आपराधिक कानूनों को प्रदर्शित किया।

अबू धाबी में आयोजित अपराध निवारण और आपराधिक न्याय पर 15वीं संयुक्त राष्ट्र कांग्रेस में भारत ने एक आधुनिक, नागरिक-केंद्रित और प्रौद्योगिकी-सक्षम न्याय प्रणाली के निर्माण के अपने प्रयासों को प्रस्तुत किया। इस वर्ष की कांग्रेस का आयोजन “अपराध निवारण, आपराधिक न्याय और कानून के शासन में तेजी लाना: लोगों और पृथ्वी की रक्षा करना तथा डिजिटल युग में सतत विकास के लिए 2030 एजेंडा प्राप्त करना” विषय के तहत किया गया।
केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री अर्जुन राम मेघवाल ने कांग्रेस को संबोधित करते हुए भारत के नए आपराधिक कानूनों—भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम—के बारे में जानकारी दी। उन्होंने इन कानूनों में प्रौद्योगिकी, त्वरित न्याय, फोरेंसिक जांच और डिजिटल-प्रथम प्रक्रियाओं पर दिए गए विशेष फोकस को रेखांकित किया।
साइबर अपराध से निपटने के लिए श्री मेघवाल ने भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल की भूमिका पर जोर दिया, जो त्वरित रिपोर्टिंग, धोखाधड़ी की रोकथाम और म्यूल खातों को फ्रीज करने में सहायक हैं। उन्होंने आतंकवाद के प्रति भारत की शून्य-सहिष्णुता की नीति को दोहराते हुए आतंकवाद, मादक पदार्थों की तस्करी, अंतरराष्ट्रीय वन्यजीव अपराध, अवैध लकड़ी कटाई और विषाक्त अपशिष्टों के अवैध निपटान जैसे संगठित और पर्यावरणीय अपराधों के खिलाफ वैश्विक सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया।
इस दौरान केंद्रीय मंत्री ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के न्याय मंत्री श्री अब्दुल्ला सुल्तान बिन अवद अल नुआइमी के साथ बैठक की, जिसमें भारत की प्रौद्योगिकी-आधारित न्याय व्यवस्था और वैश्विक विधिक सहयोग पर चर्चा हुई। भारत-यूएई विधिक साझेदारी के तहत अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता और वैकल्पिक विवाद समाधान के क्षेत्र में बढ़ते सहयोग को रेखांकित किया गया। इंडिया इंटरनेशनल आर्बिट्रेशन सेंटर (IIAC) और दुबई इंटरनेशनल आर्बिट्रेशन सेंटर (DIAC) के बीच साझेदारी के माध्यम से पेशेवर प्रशिक्षण, अनुसंधान और डिजिटल विवाद समाधान तंत्र को मजबूत किया जा रहा है। गौरतलब है कि DIAC लगभग 5,000 मामलों को संभालता है, जिनका मूल्य करीब AED 80 बिलियन (लगभग USD 21.8 बिलियन) है।
अपनी यात्रा के दौरान श्री अर्जुन राम मेघवाल ने UNODC की कार्यकारी निदेशक सुश्री मोनिका जुमा से भी मुलाकात की। इस बैठक में संगठित अपराध और मादक पदार्थों के विरुद्ध सहयोग तथा विधिक-न्यायिक साझेदारी पर चर्चा हुई। ये प्रयास भारत और यूएई के बीच व्यापार, निवेश, रक्षा और प्रौद्योगिकी के साथ-साथ कानून और सुशासन के क्षेत्रों में व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करते हैं।


