CAQM ने एनसीआर में वायु गुणवत्ता नियमों की समीक्षा की; 17 दिनों में 197 निरीक्षण संपन्न
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) की एनफोर्समेंट टास्क फोर्स ने एनसीआर में नियमों के पालन की समीक्षा की, जिसमें औद्योगिक इकाइयों और निर्माण स्थलों पर कड़ी कार्रवाई का प्रस्ताव दिया गया है।

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) और उसके आसपास के इलाकों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) की एनफोर्समेंट टास्क फोर्स (ETF) की 140वीं बैठक 1 अक्टूबर 2026 को आयोजित की गई। इस बैठक के दौरान 8 सितंबर 2026 से 24 सितंबर 2026 के बीच एनसीआर में नियमों को लागू करने की कार्रवाई, निरीक्षण और अनुपालन की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई।
रिपोर्ट के अनुसार, 17 दिनों की इस अवधि के दौरान कुल 197 निरीक्षण किए गए। इनमें औद्योगिक क्षेत्रों में 111, डीजल जेनरेटर (DG) सेट से जुड़े 76 और निर्माण एवं विध्वंस (C&D) स्थलों पर 10 निरीक्षण शामिल थे। औद्योगिक क्षेत्र के निरीक्षणों में एक विशेष ड्राइव के तहत किए गए 22 निरीक्षण भी शामिल थे। इन जांचों के आधार पर 85 मामलों में नियमों का उल्लंघन पाया गया, जिनमें 49 औद्योगिक, 28 डीजी सेट और 8 सीएंडडी मामले थे।
उल्लंघनों के आधार पर कई कार्रवाइयों का प्रस्ताव दिया गया है, जिसमें 4 सीएंडडी प्रोजेक्ट और 1 औद्योगिक इकाई को बंद करना, 28 डीजी सेट को सील करना और 10 मामलों में एनवायरनमेंटल कंपनसेशन (EC) लगाना शामिल है। इसके अतिरिक्त, 17 मामलों में नियमों के पालन के लिए निर्देश जारी करने और प्रमोटरों को पत्र भेजने जैसे कदम प्रस्तावित हैं।
बैठक में 15 सितंबर 2026 को उत्तर प्रदेश के हापुड़ में की गई स्पेशल इंस्पेक्शन ड्राइव की जानकारी भी दी गई। वहां 22 स्थानों का निरीक्षण किया गया था, जिनमें से केवल 5 नियम पालन करते पाए गए। इस अभियान के बाद 4 यूनिट को बंद करने, 1 डीजी सेट को सील करने और 4 मामलों में ईसी लगाने का सुझाव दिया गया है। वहीं, 29 सितंबर 2026 को गाज़ियाबाद के लोनी में 21 औद्योगिक इकाइयों की जांच की गई, जहाँ सभी 21 इकाइयाँ नियमों का उल्लंघन करती पाई गईं। इनमें बिना वैध संचालन सहमति (CTO), बिना चिमनी और वायु प्रदूषण नियंत्रण उपकरणों के संचालन तथा प्रतिबंधित ईंधन के उपयोग जैसे मामले सामने आए।
समग्र स्थिति की समीक्षा में पाया गया कि आयोग के फ्लाइंग स्क्वॉड ने अब तक एनसीआर में कुल 28,744 यूनिट, प्रोजेक्ट और संस्थाओं का निरीक्षण किया है। इनके आधार पर 1,831 बंद करने के निर्देश दिए गए थे, जिनमें से 1,488 को नियमों के पालन के बाद पुनः काम शुरू करने की अनुमति दी गई। वर्तमान में 127 मामले राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों (SPCB) या दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) को भेजे गए हैं, जबकि 216 संस्थाओं के पुनरारंभ आदेश लंबित हैं।
आयोग ने एनसीआर में वायु प्रदूषण कम करने के लिए औद्योगिक इकाइयों, निर्माण गतिविधियों और डीजी सेट जैसे प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में प्रवर्तन कार्रवाई को मजबूत करने और संबंधित एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल की आवश्यकता पर जोर दिया है।

