इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026: अगले एक अरब लोगों को डिजिटल रूप से जोड़ने के लिए वैश्विक सहयोग पर जोर
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने IMC 2026 में एक मंत्रिस्तरीय कार्यक्रम की अध्यक्षता की, जिसमें समावेशी कनेक्टिविटी और डिजिटल अवसंरचना में निवेश पर चर्चा हुई।

दूरसंचार विभाग (DoT), संचार मंत्रालय ने इंडिया मोबाइल कांग्रेस (IMC) 2026 के दौरान एक उच्चस्तरीय मंत्रिस्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का मुख्य विषय “Scale Without Boundaries: Investing in the Next Billion Digital Connections” (सीमाओं से परे विस्तार: अगले एक अरब डिजिटल कनेक्शनों में निवेश) था। इस कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय संगठनों, वैश्विक दूरसंचार क्षेत्र के नेताओं, मंत्रियों और उद्योग जगत के हितधारकों ने भाग लिया, जहाँ सार्थक डिजिटल कनेक्टिविटी के विस्तार और अगली पीढ़ी की डिजिटल अवसंरचना में निवेश की रणनीतियों पर विचार-विमर्श किया गया।
केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री श्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने अपने संबोधन में कहा कि किफायती और सार्थक डिजिटल कनेक्टिविटी के लिए निरंतर निवेश, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और सक्षम नीतिगत ढांचे की आवश्यकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि 'सीमाओं से परे विस्तार' केवल नेटवर्क का विस्तार नहीं है, बल्कि यह मानवीय अवसरों के विस्तार से जुड़ा है। श्री सिंधिया के अनुसार, अगले एक अरब लोगों को डिजिटल रूप से जोड़ना चुनौतीपूर्ण होगा, लेकिन यह सबसे अधिक परिवर्तनकारी साबित होगा क्योंकि इससे नए उद्यमी, शिक्षार्थी और नवोन्मेषक वैश्विक डिजिटल अर्थव्यवस्था का हिस्सा बनेंगे।
मंत्री ने आगे कहा कि भारत का अनुभव यह दर्शाता है कि नवाचार और सार्वजनिक उद्देश्य के माध्यम से कनेक्टिविटी का बड़े पैमाने पर विस्तार संभव है। 5G-Advanced, 6G, सैटेलाइट नेटवर्क और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की ओर बढ़ते हुए यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि भूगोल या आय अवसरों की राह में बाधा न बनें।
इस मंत्रिस्तरीय कार्यक्रम में एस्टोनिया की न्याय एवं डिजिटल मामलों की मंत्री सुश्री लीसा-ली पाकॉस्टा और जापान के आंतरिक मामलों एवं संचार मंत्रालय के अंतरराष्ट्रीय मामलों के उप-मंत्री श्री हिदेओ फुसेदा ने शिरकत की। इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार संघ (ITU) के दूरसंचार मानकीकरण ब्यूरो के निदेशक श्री सेइजो ओनोए और GSMA फाउंडेशन के अध्यक्ष एवं मुख्य नियामक अधिकारी श्री जॉन गिउस्टी जैसी प्रमुख हस्तियां भी मौजूद रहीं।
चर्चा के दौरान वर्ष 2030 तक डिजिटल कनेक्टिविटी को आगे बढ़ाने के लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित किया गया। प्रतिभागियों ने निवेश जुटाने, अंतरराष्ट्रीय मानकों को अपनाने और रणनीतिक साझेदारियों के महत्व को रेखांकित किया। कार्यक्रम का उद्देश्य एक ऐसा वातावरण तैयार करना है जहाँ अगली पीढ़ी की डिजिटल प्रौद्योगिकियों के लाभ व्यापक आबादी तक पहुँच सकें और एक अधिक समावेशी व डिजिटल रूप से सशक्त विश्व का निर्माण हो सके।


