एनएसएफडीसी योजना से बदले दिन, छिंदवाड़ा के दुर्गेश ने बेरोजगारी छोड़ हासिल की आर्थिक स्वतंत्रता
मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा निवासी दुर्गेश बरखाने ने एनएसएफडीसी इलेक्ट्रिक ऑटो-रिक्शा सब्सिडी योजना के माध्यम से आत्मनिर्भरता हासिल की है।

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की एक पहल से वंचित समुदायों के लोगों को स्थायी आजीविका स्थापित करने और उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार लाने में मदद मिल रही है। स्वरोजगार के लिए समय पर मिलने वाली वित्तीय सहायता आय के स्रोत बनाने और परिवार की आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
इसी क्रम में, मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा ज़िले के जुन्नारदेव निवासी श्री दुर्गेश बरखाने को 'एनएसएफडीसी इलेक्ट्रिक ऑटो-रिक्शा सब्सिडी योजना, 2024' के तहत चुना गया। इस योजना के अंतर्गत उन्हें 1,85,000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई, जिससे वे एक ऑटो-रिक्शा खरीदने और अपने परिवार के लिए आजीविका का साधन स्थापित करने में सक्षम हुए।
योजना का लाभ मिलने से पूर्व श्री दुर्गेश बेरोजगार थे और उनके पास आय का कोई स्थायी स्रोत नहीं था। सीमित आर्थिक संसाधनों के कारण उन्हें अपने परिवार की बुनियादी ज़रूरतों को पूरा करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। सरकारी सहायता प्राप्त होने के बाद उन्होंने ऑटो-रिक्शा खरीदा और कमाई शुरू की, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सकारात्मक बदलाव आया है। अब वे आत्मविश्वास के साथ अपने परिवार के भरण-पोषण और कल्याण में योगदान दे पा रहे हैं।
अपनी सफलता पर आभार व्यक्त करते हुए श्री दुर्गेश बरखाने ने कहा, "इस आर्थिक सहायता ने मुझे ऑटो-रिक्शा के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने का अवसर दिया है। इससे मेरी आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है और मैं अधिक सम्मान के साथ अपने परिवार का सहारा बनने में सक्षम हुआ हूँ।"
श्री बरखाने का यह अनुभव दर्शाता है कि समय पर मिलने वाली वित्तीय सहायता किस प्रकार ग्रामीण समुदायों में रोज़गार के अवसर पैदा कर सकती है और लोगों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बना सकती है।


