औषधि विभाग द्वारा 2 से 31 अक्टूबर 2026 तक छठे विशेष अभियान का आयोजन
रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय का औषधि विभाग स्वच्छता संस्कृति को बढ़ावा देने और लंबित कार्यों के निपटान के लिए विशेष अभियान चलाएगा।

रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के औषधि विभाग द्वारा 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक 'छठा विशेष अभियान' चलाया जाएगा। इस पहल का मुख्य उद्देश्य कार्यालयों में स्वच्छता संस्कृति को संस्थागत रूप देना और लंबित कार्यों का निस्तारण कर कामकाज को अधिक सुव्यवस्थित बनाना है।
इस अभियान में राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (एनपीपीए), सात राष्ट्रीय औषधि शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (एनआईपीईआर), भारतीय औषधि एवं चिकित्सा उपकरण ब्यूरो (पीएमबीआई) के साथ-साथ सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) जैसे बंगाल केमिकल एंड फार्मास्युटिकल लिमिटेड (बीसीपीएल), हिंदुस्तान एंटीबायोटिक्स लिमिटेड (एचएएल) और कर्नाटक एंटीबायोटिक्स एंड फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड (केएपीएल) सक्रिय रूप से भाग लेंगे।
यह अभियान दो चरणों में पूरा किया जाएगा। पहला 'तैयारी का चरण' 15 से 30 सितंबर 2026 तक चलेगा, जिसमें लक्षित स्थलों की पहचान, लंबित मामलों का पता लगाना और ई-कचरा मानचित्रण किया जाएगा। दूसरा 'कार्यान्वयन चरण' 2 से 31 अक्टूबर 2026 तक चलेगा, जिसके अंतर्गत स्वच्छता अभियान, कबाड़ निपटान और शिकायत निवारण के कार्य किए जाएंगे।
इस विशेष अभियान के प्रमुख केंद्रित क्षेत्र निम्नलिखित हैं:
1. ई-कचरा प्रबंधन: ई-कचरा (प्रबंधन) नियम, 2022 के प्रावधानों के अनुसार इलेक्ट्रॉनिक कबाड़ का सुरक्षित संग्रह, पृथक्करण और निपटान किया जाएगा।
2. शिकायत एवं संदर्भ समाधान: लंबित सांसद संदर्भों, राज्य सरकार के संचार, प्रधानमंत्री कार्यालय के संदर्भों, संसदीय आश्वासनों, सार्वजनिक शिकायतों और केंद्रीकृत लोक शिकायत निवारण और निगरानी प्रणाली (CPGRAMS) पर प्राप्त अपीलों का त्वरित निपटान किया जाएगा।
3. क्षेत्रीय कार्यालय संपर्क: क्षेत्रीय कार्यालयों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और राष्ट्रीय औषधि शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थानों की सक्रिय भागीदारी से बाह्य स्वच्छता अभियान, कार्यालय सौंदर्यीकरण और सतत विकास अभियान चलाए जाएंगे।
औषधि विभाग के अनुसार, इन उपायों के माध्यम से पारदर्शी शासन, कुशल सार्वजनिक सेवा वितरण और संवहनीय कार्यालय प्रबंधन की प्रतिबद्धता को मजबूत किया जाएगा।


