केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा कल विज्ञान भवन में 'आरोग्य मंथन 2026' का करेंगे उद्घाटन
आरोग्य मंथन 2026 के माध्यम से आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के 8 वर्ष और आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के 5 वर्ष पूरे होने का उत्सव मनाया जाएगा।

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण और रसायन एवं उर्वरक मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा कल नई दिल्ली के विज्ञान भवन में राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) द्वारा आयोजित 'आरोग्य मंथन 2026' का उद्घाटन करेंगे। यह आयोजन आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी पीएम-जेएवाई) के आठ साल और आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) के पांच साल पूरे होने के अवसर पर किया जा रहा है।
इस कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य आश्वासन और डिजिटल स्वास्थ्य के विभिन्न पहलुओं पर विषयगत विचार-विमर्श होगा। इसमें राष्ट्रीय स्वास्थ्य दावा विनिमय (एनएचसीएक्स) की भूमिका, दावा प्रसंस्करण (Claim Processing) में प्रौद्योगिकी का उपयोग, स्वास्थ्य सेवा सेवाओं की पहुंच सुधारने के लिए यूएचआई और स्वास्थ्य-डेटा मानकों के लाभ जैसे विषयों पर सत्र आयोजित किए जाएंगे।
आरोग्य मंथन 2026 में डिजिटल स्वास्थ्य पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के लिए कई नई पहलों का शुभारंभ होगा। इनमें नेशनल हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स रजिस्ट्री (एनएचपीआर) मोबाइल ऐप, भुगतानकर्ताओं के लिए एनएचसीएक्स कार्यान्वयन गाइड, मॉडल डिजिटल स्वास्थ्य सुविधा गाइडबुक, सुरक्षित डेटा पर्यावरण (एसडीई) एप्लिकेशन और एबी पीएम-जेएवाई के तहत दावों के ऑटो-एडजुडिकेशन के लिए फ्रेमवर्क शामिल हैं। सुरक्षित डेटा पर्यावरण (एसडीई) को भारतीय विज्ञान संस्थान (आईआईएससी), बेंगलुरु के सहयोग से विकसित किया गया है, जिसका उद्देश्य व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए स्वास्थ्य अनुसंधान और जिम्मेदार एआई नवाचार को बढ़ावा देना है।
इस अवसर पर एबी पीएम-जेएवाई और एबीडीएम के कार्यान्वयन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को भी सम्मानित किया जाएगा।
गौरतलब है कि एबी पीएम-जेएवाई योजना के तहत अब तक 60 करोड़ से अधिक लाभार्थी कवर किए जा चुके हैं और 13 करोड़ से अधिक अस्पताल में भर्ती की सुविधा प्रदान की गई है, जिसमें 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक का उपचार शामिल है। अक्टूबर 2024 में इस योजना का विस्तार 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के सभी वरिष्ठ नागरिकों तक किया गया, जिससे लगभग 6 करोड़ अतिरिक्त लोग इसके दायरे में आए।
वहीं, सितंबर 2021 में शुरू हुए आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) ने तेजी से विस्तार किया है। 1 सितंबर, 2026 तक 97.8 करोड़ से अधिक आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (एबीएचए) बनाए गए हैं और 121 करोड़ से अधिक स्वास्थ्य रिकॉर्ड जोड़े गए हैं। इस इकोसिस्टम में 5.6 लाख से अधिक स्वास्थ्य सुविधाएं और 11 लाख स्वास्थ्य देखभाल पेशेवर पंजीकृत हैं।



