गोवा में 'दिशा' कार्यक्रम के दूसरे चरण की क्षेत्रीय कार्यशाला आयोजित, न्याय तक पहुंच बढ़ाने पर जोर
विधि एवं न्याय मंत्रालय के न्याय विभाग ने गोवा में एक क्षेत्रीय कार्यशाला का आयोजन किया, जिसका उद्देश्य नागरिक-केंद्रित न्याय वितरण को मजबूत करना और कानूनी जागरूकता बढ़ाना है।

केन्द्रीय विधि एवं न्याय मंत्रालय के न्याय विभाग ने गोवा स्थित भारतीय अंतर्राष्ट्रीय विधि शिक्षा एवं अनुसंधान विश्वविद्यालय में ‘न्याय तक समग्र पहुंच के लिए नये समाधानों की तलाश’ विषय पर एक क्षेत्रीय कार्यशाला आयोजित की। यह कार्यक्रम 'दिशा' योजना के दूसरे चरण के अंतर्गत आयोजित किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य नागरिक-केंद्रित न्याय वितरण को सुदृढ़ बनाना और लोगों को उनके कानूनी अधिकारों एवं उपायों के प्रति जागरूक करना है।
कार्यशाला में गोवा के राज्यपाल पुसापति अशोक गजपति राजू मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि सामाजिक या आर्थिक पृष्ठभूमि की परवाह किए बिना प्रत्येक नागरिक के लिए गरिमा, निष्पक्षता और समान अवसर सुनिश्चित करना संवैधानिक दृष्टिकोण का केंद्र है। उन्होंने वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में एक अधिक सुलभ, उत्तरदायी और मानवीय न्याय वितरण प्रणाली बनाने के लिए सामूहिक प्रयासों का आह्वान किया।
केन्द्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल ने इस अवसर पर टेली-लॉ और नि:शुल्क कानूनी सेवाओं के महत्व पर चर्चा की। उन्होंने जोर दिया कि न्याय तक पहुंच का अर्थ केवल न्यायालयों तक पहुंच नहीं, बल्कि लोगों को उनके अधिकारों की जानकारी देकर सशक्त बनाना और सेवाओं को सरल बनाना है। श्री मेघवाल ने 'न्याय बंधु' पहल का उल्लेख करते हुए नि:शुल्क कानूनी सेवा प्रदान करने वाले वकीलों को 'न्याय के रक्षक' बताया।
न्याय विभाग के संयुक्त सचिव सुरेश कुमार ने स्वागत संबोधन में दिशा द्वितीय चरण योजना की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने टेली-लॉ, न्याय बंधु, कानूनी साक्षरता कार्यक्रमों और विधि-संजीवनी पर विशेष ध्यान केंद्रित करने की बात कही। इस दौरान 'न्याय प्रबोध' पहल के तहत '90 सेकंड में अपने अधिकार जानें' और एक आदर्श वाक्य (नारा) प्रतियोगिता की भी चर्चा हुई। इस प्रतियोगिता के लिए प्रतिभागी 31 दिसंबर 2026 तक न्याय विभाग की वेबसाइट पर अपने नारे जमा कर सकते हैं।
भारतीय अंतर्राष्ट्रीय विधि शिक्षा एवं अनुसंधान विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर (डॉ.) आर. वेंकट राव ने दिशा योजना के तहत शुरू किए गए 'न्याय सेतु एआई चैटबॉट' की सराहना की और इसे कानूनी जानकारी प्राप्त करने की एक महत्वपूर्ण पहल बताया।
इस कार्यशाला में केंद्र और गोवा सरकार के अधिकारी, कॉमन सर्विस सेंटर्स (CSC) के प्रतिनिधि, विधि संस्थान और कानूनी सहायता से जुड़े विभिन्न हितधारक शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान लाभार्थियों, ग्राम स्तरीय उद्यमियों और पैनल वकीलों के साथ प्रत्यक्ष संवाद भी किया गया, जिसमें कानूनी सलाह और सहायता प्रदान करने के अनुभवों को साझा किया गया।


