प्रधानमंत्री स्मृति चिन्ह ई-नीलामी 2026: गुजरात की सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक उपलब्धियों का संगम
प्रधानमंत्री स्मृति चिन्ह ई-नीलामी के 8वें संस्करण में गुजरात की पारंपरिक शिल्पकला, स्थापत्य विरासत और समकालीन नवाचारों को प्रदर्शित किया गया है।

संस्कृति मंत्रालय द्वारा आयोजित प्रधानमंत्री स्मृति चिन्ह ई-नीलामी 2026 के 8वें संस्करण में गुजरात की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक कला, शिल्प और आधुनिक उपलब्धियों का एक विविध संग्रह प्रदर्शित किया जा रहा है। यह संग्रह राज्य की सांस्कृतिक पहचान और आधुनिक भारत में इसके योगदान को उजागर करता है।
गुजरात संग्रह में स्थापत्य विरासत, पारंपरिक वस्त्र कला, स्वदेशी चित्रकला, खेल उपलब्धियों और तकनीकी प्रगति से जुड़ी स्मृति चिन्ह शामिल हैं। इनमें वडनगर के 17वीं शताब्दी के हटकेश्वर महादेव मंदिर का स्थापत्य चित्रण, अंतरराष्ट्रीय टेबल टेनिस खिलाड़ी मानव ठक्कर द्वारा भेंट की गई यादगार वस्तु और जीवन वृक्ष को दर्शाने वाला पारंपरिक 'माता-नी-पछेडी' वस्त्र चित्र शामिल है। इसके अलावा, मध्य गुजरात के राठवा, भील और भीलला समुदायों की पिथोरा चित्रकला और मोढेरा सूर्य मंदिर के उत्कीर्णित कांच वाली भारत की पहली सोलर टाइल भी प्रदर्शित की गई है।
नीलामी में अंबाजी मंदिर, सोमनाथ मंदिर और द्वारकाधीश जी की प्रतिमाएं, पारंपरिक भुजोड़ी शॉल, लिप्पन कला, एम्स राजकोट का प्रतिकृति मॉडल, अडालज बावड़ी की लकड़ी की स्मृति चिन्ह और टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स की "चरखा से चिप्स" नामक सेमीकंडक्टर पट्टिका जैसी अन्य महत्वपूर्ण वस्तुएं भी शामिल हैं।
प्रधानमंत्री स्मृति चिन्ह ई-नीलामी का यह 8वां संस्करण 17 सितंबर, 2026 से शुरू हुआ है, जिसमें पूरे भारत से कुल 1,498 स्मृति चिन्ह पेश किए गए हैं। यह नीलामी नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय आधुनिक कला दीर्घा (एनजीएमए) के माध्यम से आयोजित की जा रही है, जिससे नागरिकों, संग्राहकों और कला प्रेमियों को प्रधानमंत्री को भेंट की गई अनूठी वस्तुओं को प्राप्त करने का अवसर मिल रहा है।
इस ई-नीलामी से प्राप्त होने वाली पूरी धनराशि 'नमामि गंगा' कार्यक्रम को सहायता प्रदान करेगी, जो गंगा नदी और उसके इकोसिस्टम के संरक्षण और पुनरुद्धार के लिए समर्पित एक राष्ट्रीय मिशन है। जनवरी 2019 में शुरू हुई इस पहल ने अपने पिछले संस्करणों के माध्यम से नमामि गंगा परियोजना के लिए 50 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जुटाई है। इस नीलामी का संचालन आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन किया जा रहा है।