जैव प्रौद्योगिकी विभाग ने ई-कचरा प्रबंधन के लिए शुरू किया 'विशेष अभियान 6'
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के जैव प्रौद्योगिकी विभाग ने ई-कचरा निपटान और कार्यस्थल पर स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए 2 से 31 अक्टूबर 2026 तक विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया है।

प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (DAR & PG) के तत्वावधान में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के जैव प्रौद्योगिकी विभाग (DBT) ने लंबित मामलों को कम करने, अभिलेख प्रबंधन और कार्यस्थल के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए 'विशेष अभियान 6' शुरू किया है। यह अभियान 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक मुख्य रूप से ई-कचरे की स्वच्छता और उसके उचित निपटान पर केंद्रित है।
तैयारी के चरण (15-30 सितंबर 2026) के दौरान विभाग ने कई महत्वपूर्ण लक्ष्य निर्धारित किए हैं। इनमें 18,741 ई-फाइलों और 7,773 भौतिक फाइलों की समीक्षा व व्यवस्थित करना, 156 स्थलों की सफाई कर 46,486 वर्ग फुट उपयोगी स्थान बनाना और 1,694 ई-कचरा वस्तुओं का निपटान करना शामिल है। विभाग का लक्ष्य ई-कचरा और गैर-ई-कचरा वस्तुओं के निपटान के माध्यम से 39,33,055 रुपए का राजस्व अर्जित करना है।
इस अभियान के तहत 2 अक्टूबर 2026 को स्वच्छ भारत दिवस के अवसर पर दिल्ली स्थित सीजीओ कॉम्प्लेक्स के डीबीटी मुख्यालय में ई-कचरा निपटान कार्यक्रम आयोजित किया गया। सचिव (DBT) ने इस कार्यक्रम का नेतृत्व करते हुए अधिकारियों और कर्मचारियों से घर और कार्यस्थल पर अनुपयोगी सामग्रियों और ई-कचरे के निपटान की व्यक्तिगत जिम्मेदारी लेने का आग्रह किया। उन्होंने सरकारी कार्यालयों में उपयोगी स्थान बनाने और सार्वजनिक कोष के लिए वित्तीय मूल्य सृजित करने हेतु इलेक्ट्रॉनिक संपत्तियों के जिम्मेदार प्रबंधन पर बल दिया।
स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए विभाग ने अन्य पहल भी की हैं। 1 अक्टूबर 2026 को संयुक्त सचिव (प्रशासन) सुश्री एकता विश्नोई की अध्यक्षता में "एक दिन, एक घंटा, एक साथ" अभियान चलाया गया, जिसमें जेएलएन मेट्रो स्टेशन के पास एक सार्वजनिक पार्क में श्रमदान किया गया और 'एक पेड़ मां के नाम' पहल के तहत पौधरोपण हुआ। इसके अलावा, 'स्वच्छता से समृद्धि' थीम पर 'कबाड़ से कला' प्रदर्शनी का आयोजन किया गया, जिसमें बेकार सामग्रियों से रचनात्मक कलाकृतियां बनाई गईं।
विभाग ने सफाई मित्रों के लिए 'सुरक्षा एवं सम्मान शिविर' भी आयोजित किए, जिसमें स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के सहयोग से स्वच्छता कर्मचारियों और उनके आश्रितों के लिए निवारक स्वास्थ्य जांच और चिकित्सा परामर्श की सुविधा प्रदान की गई। अभियान की प्रगति की नियमित समीक्षा सचिव, संयुक्त सचिव और नोडल अधिकारी द्वारा की जा रही है, और इसकी तस्वीरें एससीडीपीएम पोर्टल पर अपलोड की जा रही हैं।


