डॉ. जितेंद्र सिंह ने 'विशेष अभियान 6.0' की तैयारियों की समीक्षा की, विज्ञान विभागों ने रखा 1,500 स्वच्छता स्थलों का लक्ष्य
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने विशेष अभियान 6.0 के कार्यान्वयन की समीक्षा की, जिसके तहत विज्ञान मंत्रालयों और विभागों ने कुल 1,500 स्वच्छता अभियान स्थलों का लक्ष्य निर्धारित किया है।

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी एवं पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने विज्ञान मंत्रालयों और विभागों के साथ 'विशेष अभियान 6.0' की तैयारियों, कार्यान्वयन और समयसीमा की समीक्षा की। इस अभियान के अंतर्गत विज्ञान मंत्रालयों और विभागों ने कुल 1,500 स्वच्छता अभियान स्थलों का लक्ष्य रखा है, जिसमें पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय अकेले 100 स्थलों पर स्वच्छता अभियान चलाएगा।
इस अभियान का प्राथमिक उद्देश्य स्वच्छता के प्रत्यक्ष परिणाम प्राप्त करना, उपलब्ध कार्यालय स्थान का अधिकतम उपयोग करना, अनुपयोगी सामग्री का व्यवस्थित निपटान और सरकारी संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना है। अभियान में ई-कचरे के प्रभावी संग्रह, पृथक्करण और वैज्ञानिक निपटान पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। समीक्षा के दौरान ई-कचरे के पुनर्चक्रण और बेकार उपकरणों से मूल्य सृजित करने के लिए वैज्ञानिक व तकनीकी क्षमताओं के उपयोग की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई। इसमें ई-कचरे की व्यवस्थित पहचान, वस्तु-वार रिपोर्टिंग और उत्पादकों व पुनर्चक्रणकर्ताओं के माध्यम से निपटान शामिल है।
विशेष अभियान 6.0 का कार्यान्वयन सितंबर के तैयारी चरण के बाद 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर, 2026 तक किया जाएगा। प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (DARPG) एक साझा डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से सभी मंत्रालयों और विभागों की प्रगति की निगरानी और पोर्टल अपडेट का कार्य कर रहा है। डॉ. जितेंद्र सिंह स्वयं 2 अक्टूबर को स्वच्छता अभियान, ई-कचरा पृथक्करण और पुरानी फाइलों को नष्ट करने के अभियान में शामिल होंगे।
समीक्षा बैठक के दौरान डॉ. जितेंद्र सिंह ने बजटीय व्यय का भी मूल्यांकन किया। उन्होंने वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान विभाग (DSIR) और पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की सराहना की, जिन्होंने 30 सितंबर तक निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप लगभग 50 प्रतिशत व्यय पूरा कर लिया है। मंत्री ने अभियान की समय-सीमा के अनुसार निरंतर प्रगति सुनिश्चित करने के लिए तिमाहीवार व्यय और कार्यान्वयन की स्थिति की समीक्षा की।
इस बैठक में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) के सचिव प्रोफेसर उमेश वी. वाघमारे, DSIR की सचिव और CSIR की महानिदेशक डॉ. एन. कलैसेल्वी, जैव प्रौद्योगिकी विभाग (DBT) के सचिव डॉ. राजेश एस. गोखले और DARPG की सचिव सुश्री निवेदिता शुक्ला वर्मा सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।


