डॉ. जितेंद्र सिंह ने 'विशेष अभियान 6' की प्रगति की समीक्षा की, ई-फाइलों और डिजिटलीकरण पर दिया जोर
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने डीएआरपीजी कार्यालय का दौरा कर विशेष अभियान 6 की समीक्षा की और सरकारी कामकाज में दक्षता व 'कचरे से संपदा' के विजन को बढ़ावा देने के निर्देश दिए।

केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने 5 अक्टूबर, 2026 को नई दिल्ली स्थित सरदार पटेल भवन में प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी) के कार्यालय का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने 'विशेष अभियान 6' की प्रगति की समीक्षा की।
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता को संस्थागत रूप देना, लंबित मामलों की संख्या कम करना और संसाधनों के कुशल उपयोग को बढ़ावा देना है। समीक्षा बैठक के दौरान डॉ. सिंह के साथ डीएआरपीजी की सचिव श्रीमती निवेदिता शुक्ला वर्मा, अपर सचिव श्री पुनीत यादव, संयुक्त सचिव श्री अवनीश कुमार मिश्रा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भौतिक अभिलेखों के स्थान पर ई-फाइलों के उपयोग में तेजी लाई जाए। उन्होंने बेहतर गवर्नेंस और दक्ष कार्यालयी कार्यप्रणाली के लिए अभिलेखों के त्वरित डिजिटलीकरण और प्रबंधन के आधुनिक तरीकों को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ई-कचरे और स्क्रैप का पुनर्चक्रण सरकार के 'कचरे से संपदा' के विजन और चक्रीय अर्थव्यवस्था के सिद्धांतों को बढ़ावा देता है, जिससे अनुपयोगी सामग्री को पुनः उत्पादक उपयोग में लाया जा सके।
डॉ. सिंह ने बताया कि इस अभियान की निगरानी एक एकल डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से की जा रही है। इसके तहत ई-कचरे का वैज्ञानिक निपटान, संसदीय आश्वासनों, सांसदों के संदर्भों, प्रधानमंत्री कार्यालय, आईएमसी और राज्य सरकारों के लंबित मामलों का समयबद्ध निपटारा, बेहतर अभिलेख प्रबंधन और कार्यालयी स्थान का अनुकूलतम उपयोग जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान दिया जा रहा है।
उन्होंने नोडल विभाग डीएआरपीजी के प्रयासों की सराहना की, जिसने 2021 से इस अभियान को संस्थागत बनाया है। 2 अक्टूबर 2026 से शुरू हुई गतिविधियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह अभियान महात्मा गांधी के स्वच्छता विजन को प्रशासनिक सुधारों के साथ जोड़ता है।
अभियान के सकारात्मक प्रभाव का उदाहरण देते हुए बताया गया कि डीएआरपीजी में एक लंबे समय से अनुपयोगी और कबाड़ से भरे स्थान को पूरी तरह साफ कर कर्मचारियों की सुविधा के लिए एक विशाल कॉमन रूम में परिवर्तित कर दिया गया है। डॉ. सिंह ने कहा कि विशेष अभियान 6 अब केवल स्वच्छता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सुशासन को मजबूत करने और प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने का एक व्यापक प्रयास बन गया है।



