दीव में वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल के लिए पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन
राष्ट्रीय सामाजिक रक्षा संस्थान (NISD) दीव में आंगनवाड़ी और अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं के लिए वृद्धावस्था देखभाल प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करेगा।

भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय सामाजिक रक्षा संस्थान (NISD) द्वारा केंद्र शासित प्रदेश दादरा एवं नगर हवेली और दमन एवं दीव के दीव कलेक्टर कार्यालय प्रशासन के सहयोग से दीव जिले में पांच दिवसीय वृद्धावस्था देखभाल प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के सचिव श्री सुधांश पंत दीव स्थित शिक्षा केंद्र में इस कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे और प्रतिभागियों को वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण की शपथ दिलाएंगे।
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों के लिए समुदाय-आधारित सहायता प्रणालियों को मजबूत करना है। इसमें लगभग 50 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं और जमीनी स्तर के पदाधिकारियों के शामिल होने की उम्मीद है। इस पहल के माध्यम से एक ऐसे संवेदनशील कार्यबल को तैयार किया जाएगा जो बुजुर्गों की बुनियादी देखभाल, उभरती आवश्यकताओं की पहचान और उन्हें सरकारी योजनाओं तक पहुँचाने में सक्षम हो। यह प्रशिक्षण विशेष रूप से अकेले रहने वाले और सीमित पारिवारिक सहायता वाले वरिष्ठ नागरिकों की जरूरतों को पूरा करने पर केंद्रित है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में वृद्धावस्था के शारीरिक, मनोवैज्ञानिक, भावनात्मक और सामाजिक पहलुओं पर जोर दिया जाएगा। प्रशिक्षण के प्रमुख विषयों में वरिष्ठ नागरिकों के अधिकार, व्यक्तिगत स्वच्छता, पोषण, दवा संबंधी सहायता, गतिशीलता सहायता, सुरक्षित स्थानांतरण तकनीकें और गिरने से बचाव शामिल हैं। इसके अलावा, प्रतिभागियों को प्राथमिक उपचार, आपातकालीन स्थितियों से निपटने, मनोभ्रंश (dementia) के बारे में जागरूकता और वरिष्ठ नागरिकों के साथ होने वाले दुर्व्यवहार और शोषण की पहचान एवं रिपोर्टिंग के बारे में प्रशिक्षित किया जाएगा।
कार्यक्रम के संचालन के लिए NISD के वरिष्ठ नागरिक विभाग से पाठ्यक्रम समन्वयक सुश्री आशा शर्मा और कनिष्ठ सलाहकार सुश्री रितु डंडरियाल को नियुक्त किया गया है। उद्घाटन सत्र का समन्वय NISD के निदेशक श्री गौरव सिंह रजावत करेंगे, जबकि दीव के कलेक्टर श्री राहुल देव बूरा अतिथियों और प्रतिभागियों का स्वागत करेंगे।
इस क्षमता निर्माण पहल से यह उम्मीद की जाती है कि दीव जिले में वृद्ध व्यक्तियों की शीघ्र पहचान और उन्हें उचित रेफरल सहायता प्रदान करने की व्यवस्था बेहतर होगी। साथ ही, यह कार्यक्रम वरिष्ठ नागरिकों, जिला प्रशासन और सेवा प्रदाताओं के बीच समन्वय को मजबूत कर बुजुर्गों के जीवन की गुणवत्ता और सामाजिक समावेश में योगदान देगा।



