नशामुक्त भारत के लिए अमित शाह ने तैयार किया 2029 तक का रोडमैप, ANTF प्रमुखों के तीसरे राष्ट्रीय सम्मेलन का किया उद्घाटन
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नई दिल्ली में ANTF प्रमुखों के तीसरे राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए 31 दिसंबर 2029 तक भारत को नशे के व्यापार से मुक्त करने का लक्ष्य रखा है।

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने नई दिल्ली में राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) प्रमुखों के तीसरे राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन किया। इस दो दिवसीय सम्मेलन में 36 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के ANTF प्रमुखों के साथ-साथ संबंधित सरकारी विभागों और हितधारकों के प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं।
इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री ने मादक पदार्थों के विरुद्ध जागरूकता के लिए एक टेलीविजन कमर्शियल (TVC) लॉन्च किया, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की नई वेबसाइट का विमोचन किया और लखनऊ एवं देहरादून में NCB के नए जोनल कॉम्प्लेक्स की आधारशिला रखी। कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले ANTF को सम्मानित भी किया गया।
अपने संबोधन में श्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के 2047 तक विकसित भारत बनाने के लक्ष्य के लिए नशामुक्त भारत का रोडमैप अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने घोषणा की कि 31 दिसंबर 2029 तक भारत से नशे के व्यापार को जड़ से उखाड़ने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने संकल्प जताया कि न तो एक ग्राम ड्रग्स भारत में आने दी जाएगी और न ही भारत के रास्ते बाहर जाने दी जाएगी।
गृह मंत्री ने 'विज़न डॉक्यूमेंट 2026-2029' का उल्लेख करते हुए बताया कि इसे 35 से अधिक विभागों के साथ चर्चा के बाद तैयार किया गया है। इस विज़न डॉक्यूमेंट के चार मुख्य स्तंभ हैं: इंटेलिजेंस एवं ऑपरेशन-आधारित एनफोर्समेंट, प्रीकर्सर और सिंथेटिक ड्रग पर नियंत्रण, डिमांड और हार्म रिडक्शन, तथा क्षमता निर्माण और समन्वय। इन स्तंभों के अंतर्गत 100 से अधिक लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं।
रणनीति पर चर्चा करते हुए श्री शाह ने कहा कि अब केवल 'सीजर-केंद्रित' (जब्ती) अप्रोच के बजाय ड्रग नेटवर्क को ध्वस्त करने पर ध्यान देना होगा। उन्होंने निर्देश दिया कि जिलों को तीन क्लस्टर में बांटा जाए: ड्रग बनाने वाले या प्रवेश बिंदु वाले जिले, ट्रांसपोर्टेशन कॉरिडोर वाले जिले और उपभोग वाले जिले। उन्होंने कार्टेल पर तीन स्तरों—एंट्री पॉइंट, अंतरराज्यीय डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम और लोकल सेल नेटवर्क—पर प्रहार करने की बात कही।
युवाओं को जागरूक करने के लिए 'नशामुक्त मित्र' अभियान के तहत 10 लाख स्कूलों, कॉलेजों और संस्थानों में जागरूकता फैलाई जाएगी। अब तक 46,780 नशामुक्त मित्र पंजीकृत किए जा चुके हैं।
केंद्रीय गृह मंत्री ने डिजिटल चुनौतियों जैसे डार्कनेट, क्रिप्टो और डेड ड्रॉप डिलीवरी प्रणाली से निपटने के लिए हर राज्य में 'आउट ऑफ बॉक्स' सोचने वाले अधिकारियों की टीम बनाने का सुझाव दिया। साथ ही, उन्होंने विदेशी आरोपियों को ब्लैकलिस्ट करने और विदेशों से ड्रग्स सप्लाई करने वाले भगोड़ों को भारत लाकर अदालत के सामने पेश करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अब 'मीटिंग से मिशन, रिपोर्टिंग से रिजल्ट, सीजर से नेटवर्क की समाप्ति और केस से कनविक्शन' तक का सफर तय करना है।


