नशामुक्ति और पुनर्वास से बदला जीवन: चेन्नई के नाथन ने व्यसन पर जीत पाकर दोबारा शुरू की अपनी कंपनी
नशामुक्ति केंद्र की सहायता और निरंतर परामर्श के माध्यम से चेन्नई के एक पेशेवर ने मादक पदार्थों के व्यसन को हराकर अपनी आर्थिक और व्यक्तिगत स्थिरता वापस पा ली है।

नशामुक्ति और पुनर्वास सेवाओं के माध्यम से समय पर मिलने वाली सहायता व्यक्तियों को मादक पदार्थों के व्यसन से उबरने और एक उत्पादक जीवन में लौटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा साझा की गई एक सफलता कहानी में तमिलनाडु के चेन्नई निवासी 34 वर्षीय श्री नाथन (नाम परिवर्तित) के संघर्ष और पुनर्प्राप्ति की यात्रा का विवरण दिया गया है।
एमबीए डिग्री प्राप्त एक स्व-रोजगार पेशेवर श्री नाथन ने नशामुक्ति केंद्र (डीडीएसी) कंसर्न के माध्यम से सहायता प्राप्त की। उनके उपचार और पुनर्वास की प्रक्रिया में नियमित परामर्श, चिकित्सा उपचार, आध्यात्मिकता-आधारित सहायता और अल्कोहलिक्स एनोनिमस (एए) की बैठकों में भागीदारी शामिल थी। निरंतर परामर्श, दवाओं और व्यवस्थित अनुवर्ती सत्रों ने उन्हें एक स्थिर दिनचर्या विकसित करने और अपने स्वास्थ्य को पुनः प्राप्त करने में मदद की।
अपने दृढ़ संकल्प और निरंतर सहयोग के बल पर श्री नाथन ने धीरे-धीरे अपने जीवन पर नियंत्रण पा लिया। उन्होंने अपनी कंपनी को फिर से शुरू किया है और आर्थिक स्थिरता प्राप्त कर ली है, जिससे वे अब अपने परिवार का भरण-पोषण करने में सक्षम हैं। वे वर्तमान में भी नियमित रूप से अनुवर्ती सत्रों और एए बैठकों में भाग ले रहे हैं।
अपने अनुभव को साझा करते हुए श्री नाथन ने कहा, "निरंतर परामर्श, चिकित्सा सहायता और एए बैठकों ने मुझे व्यसन के दुष्चक्र से उबरने और अपने जीवन में स्थिरता प्राप्त करने में सहायता की। मैंने अपनी कंपनी फिर से शुरू कर दी है और अब मैं अपना स्वास्थ्य फिर प्राप्त करने की यात्रा जारी रखते हुए अपने परिवार का भरण-पोषण करने में सक्षम हूं।"
श्री नाथन की यह यात्रा दर्शाती है कि समय पर हस्तक्षेप, चिकित्सा देखभाल और साथियों के सहयोग से व्यक्ति न केवल व्यसन से मुक्त हो सकते हैं, बल्कि अपने जीवन का पुनर्निर्माण कर आत्मनिर्भर और उत्पादक आजीविका की ओर लौट सकते हैं।



