प्रधानमंत्री मोदी ने चेन्नई के जयगोपाल गरोडिया हिंदू विद्यालय के स्वर्ण जयंती समारोह में लिया हिस्सा, युवाओं से किया 'विकसित भारत' का आह्वान
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने चेन्नई में एक विद्यालय के स्वर्ण जयंती समारोह में युवाओं को बड़े सपने देखने और 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने तमिलनाडु के चेन्नई में जयगोपाल गरोडिया हिंदू विद्यालय मैट्रिकुलेशन हायर सेकेंडरी स्कूल के स्वर्ण जयंती समारोह में शिरकत की। इस अवसर पर उन्होंने युवाओं के जोश और ऊर्जा की सराहना करते हुए कहा कि आज की युवा पीढ़ी 'विकसित भारत' के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने वाली मुख्य शक्ति बनना चाहती है। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि युवाओं द्वारा दिए गए नए विचार और समाधान न केवल भारत, बल्कि पूरी दुनिया का भविष्य तय करेंगे।
विद्यालय की विकास यात्रा का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि विश्व हिंदू विद्या केंद्र की शुरुआत 1975 में चेन्नई के 'वेस्ट माम्बलम' में मात्र सात छात्रों और सीमित संसाधनों के साथ एक छोटे स्कूल के रूप में हुई थी। उन्होंने संस्थापकों की इच्छाशक्ति की प्रशंसा की, जिसके परिणामस्वरूप आज तमिलनाडु के विभिन्न हिस्सों में इस संस्थान के 15 केंद्र हैं। उन्होंने स्कूल की इमारत के निर्माण में श्री जयगोपाल गरोडिया के योगदान को याद किया और उन सभी शिक्षकों व स्टाफ का आभार व्यक्त किया जिन्होंने संस्थान को सफल बनाया।
प्रधानमंत्री ने प्राचीन ज्ञान और संस्कृति के महत्व पर चर्चा करते हुए महान संत तिरुवल्लुवर को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने साझा किया कि हाल ही में उन्हें रूसी राष्ट्रपति पुतिन को 'तिरुक्कुरल' का रूसी अनुवाद भेंट करने का अवसर मिला था। उन्होंने छात्रों को महाकवि भरतियार के दर्शन से प्रेरणा लेने और उनके 'अचमिल्लई, अचमिल्लई' (निडर, निडर) के मंत्र को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया।
शिक्षा के क्षेत्र में हुए बदलावों का विवरण देते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि देश में विश्वविद्यालयों की संख्या 2014 में 750 से बढ़कर अब 1,300 से अधिक हो गई है और कॉलेजों की संख्या 38,000 से बढ़कर 52,000 से अधिक हो गई है। उन्होंने उल्लेख किया कि क्यूएस रैंकिंग में शामिल भारतीय विश्वविद्यालयों की संख्या 2015 के 14 से बढ़कर अब 52 हो गई है।
खेलों के प्रति युवाओं के रुझान को देखते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत तेजी से स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित कर रहा है। उन्होंने घोषणा की कि भारत 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी की तैयारी कर रहा है और 2036 ओलंपिक की मेजबानी का सपना लेकर आगे बढ़ रहा है।
समारोह के अंत में प्रधानमंत्री ने युवाओं के साथ मिलकर कई बड़े संकल्प दोहराए। उन्होंने आह्वान किया कि युवा 2047 तक विकसित भारत बनाने, दुनिया की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होने, आत्मनिर्भर वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनने, ओलंपिक की मेजबानी करने और चंद्रमा पर किसी भारतीय को भेजने के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए पूरी लगन से कार्य करें।
