भारत 'चलता है' के रवैये से निकलकर 'बदल सकता है' की सोच की ओर बढ़ा: पीएम मोदी ने साझा किया पूर्व उपराष्ट्रपति का लेख
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पूर्व उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू का एक लेख साझा किया है, जिसमें भारत की विकास यात्रा और गवर्नेंस में आए वैचारिक बदलाव को रेखांकित किया गया है।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने पूर्व उपराष्ट्रपति श्री वेंकैया नायडू द्वारा लिखे गए एक लेख को साझा किया है। इस लेख में यह बात रेखांकित की गई है कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत की विकास यात्रा के दौरान देश की सोच में एक बड़ा परिवर्तन आया है। लेख के अनुसार, भारतीय समाज पारंपरिक 'चलता है' वाले रवैये को छोड़कर अब 'बदल सकता है' की भावना के साथ बदलाव पर भरोसा करने लगा है।
गवर्नेंस और विकास के क्षेत्र में यह बदलाव स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। लेख में उल्लेख किया गया है कि बैंकिंग क्षेत्र में किए गए सुधार, डिजिटल भुगतान के दायरे का तेजी से बढ़ना और गरीबी उन्मूलन के लिए किए गए प्रयास इस बात का प्रमाण हैं कि दृढ़ संकल्प और निरंतर कार्ययोजना के माध्यम से पुरानी और कठिन चुनौतियों का समाधान किया जा सकता है।
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर इस लेख को साझा करते हुए लिखा कि पूर्व उपराष्ट्रपति श्री वेंकैया नायडू ने बताया है कि पीएम मोदी की यात्रा ने भारत को 'चलता है' वाले नजरिए से निकालकर 'बदल सकता है' वाली सोच तक पहुँचाया है। उन्होंने आगे कहा कि बैंकिंग सुधारों से लेकर डिजिटल भुगतान और गरीबी कम करने तक, जिन चुनौतियों को कभी नामुमकिन माना जाता था, उन्हें दृढ़ता के साथ हल किया गया है। प्रधानमंत्री ने विकसित भारत की ओर बढ़ते देश की इस नई सोच को समझने के लिए लोगों से इस लेख को पढ़ने का आग्रह किया है।
