रेल मंत्रालय शुरू करेगा 'विशेष अभियान 6', लंबित मामलों के निपटारे और स्वच्छता पर रहेगा जोर
केंद्र सरकार द्वारा शुरू किए गए विशेष अभियान 6 के तहत रेल मंत्रालय सरकारी कार्यालयों में लंबित मामलों को कम करने और स्वच्छता को संस्थागत रूप देने की तैयारी कर रहा है।

केंद्र सरकार ने सरकारी कार्यालयों में लंबित मामलों के निपटान और स्वच्छता को संस्थागत रूप देने के लिए 'विशेष अभियान 6' (एससीडीपीएम 6) की शुरुआत की है। रेल मंत्रालय इस अभियान के सफल कार्यान्वयन के लिए अपनी सभी क्षेत्रीय इकाइयों, संबद्ध एवं अधीनस्थ कार्यालयों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और स्वायत्त निकायों में पूरी तैयारी कर चुका है।
यह अभियान दो चरणों में आयोजित किया जाएगा। पहले चरण की अवधि 15 से 30 सितंबर, 2026 तक रहेगी, जिसमें लक्ष्यों का निर्धारण किया जाएगा। इसके बाद, मुख्य कार्यान्वयन चरण 2 से 31 अक्टूबर, 2026 तक चलेगा।
रेल मंत्रालय ने पिछले अभियान 5.0 के दौरान सार्वजनिक शिकायतों, वीआईपी मामलों और अन्य लंबित प्रकरणों के समाधान के लक्ष्यों को शत-प्रतिशत पूरा किया था। उस दौरान मंत्रालय ने 6.06 लाख वर्ग फुट स्थान का उपयोग किया और 570 करोड़ रुपए का राजस्व सृजित किया।
अभियान के प्रभावी संचालन के लिए भारतीय रेलवे में 150 से अधिक नोडल अधिकारियों को नामित किया गया है। ये अधिकारी दैनिक प्रगति की जानकारी रेलवे बोर्ड को भेजेंगे, जिसे सीधे प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी) के केंद्रीय एससीडीपीएम निगरानी पोर्टल पर दर्ज किया जाएगा। इससे वास्तविक समय में निगरानी और साप्ताहिक उच्च स्तरीय समीक्षा संभव हो सकेगी।
इस वर्ष के अभियान में ई-कचरा (प्रबंधन) नियम, 2022 के अनुसार ई-कचरे के प्रभावी संग्रह और निपटान, सामान्य वित्तीय नियमों (जीएफआर) के तहत स्क्रैप निपटान, कार्यालय परिसरों के सौंदर्यीकरण, नियमों के सरलीकरण और लंबित मामलों के निपटान पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
जन सहभागिता को मजबूत करने के लिए मंत्रालय इस अभियान के दौरान "रेल जन संवाद" का आयोजन करेगा। रेलवे बोर्ड के सचिव ने सभी महाप्रबंधकों और इकाइयों के प्रमुखों को इस संबंध में पत्र जारी कर व्यापक भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

