वित्तीय समावेशन योजनाओं की समीक्षा: सचिव संजय लोहिया ने बैंकों को डिजिटल पहुंच बढ़ाने और ऋण प्रक्रिया को डिजिटल करने का निर्देश दिया
वित्तीय सेवा विभाग के सचिव संजय लोहिया ने सार्वजनिक और निजी बैंकों के अधिकारियों के साथ बैठक कर विभिन्न वित्तीय समावेशन योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की।

वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग के सचिव श्री संजय लोहिया ने नई दिल्ली में सभी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के प्रमुखों और प्रमुख निजी क्षेत्र के बैंकों के कार्यकारी निदेशकों के साथ एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में वित्तीय सेवा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री जन धन योजना (PMJDY), प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY), प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY), अटल पेंशन योजना (APY), प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY), स्टैंड अप इंडिया, पीएम स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (PM SVANidhi), पीएम विश्वकर्मा, पीएम सूर्य घर और केसीसी (KCC) जैसी विभिन्न वित्तीय समावेशन योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। इसके साथ ही बैंकिंग सुविधाओं से वंचित गांवों में बैंकिंग कॉरस्पोंडेंट्स (BC) की तैनाती और भौतिक शाखाओं को खोलने की प्रगति पर भी चर्चा हुई।
सचिव श्री संजय लोहिया ने कहा कि सरकार की प्रमुख योजनाओं के माध्यम से देश में वित्तीय समावेशन को गहरा करने में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। हालांकि, उन्होंने बैंकों से आग्रह किया कि वे अपनी डिजिटल पहुंच को और बढ़ाएं और ऋणों की एंड-टू-एंड डिजिटल प्रक्रिया पर विशेष ध्यान दें। उन्होंने सूक्ष्म उद्यमों के लिए क्रेडिट कार्ड (CCME) और यूपीआई पर क्रेडिट लाइनों के माध्यम से कार्यशील पूंजी ऋण उपलब्ध कराने के बारे में भी जानकारी दी। साथ ही, उन्होंने निजी क्षेत्र के बैंकों से इन योजनाओं में अपनी भागीदारी बढ़ाने का आह्वान किया।
बीमा योजनाओं के संबंध में श्री लोहिया ने बैंकों को निर्देश दिया कि वे जन सुरक्षा बीमा योजनाओं में दावे की पात्रता के बारे में जागरूकता बढ़ाएं, ताकि लाभार्थियों की मृत्यु के बाद नामांकित व्यक्तियों को राशि समय पर मिल सके। उन्होंने दावों से संबंधित शिकायतों के निपटारे में विशेष सावधानी बरतने और पीएमजेजेबीवाई (PMJJBY) व पीएमएसबीवाई (PMSBY) के नए लाभार्थियों का नामांकन 'जन सुरक्षा पोर्टल' के माध्यम से करने के निर्देश दिए, ताकि डेटा की गुणवत्ता और संचालन में सुगमता आए।
बैठक में अटल पेंशन योजना के पर्सिस्टेंसी अनुपात को बढ़ाने के तरीकों पर भी विचार-विमर्श किया गया। अंत में, श्री लोहिया ने बैंकों से 21 अक्टूबर 2026 से 31 दिसंबर 2026 तक चलने वाले आगामी 'एफआई संतृप्ति अभियान' में उत्साहपूर्वक भाग लेने और समाज के वंचित वर्गों की बैंकिंग आवश्यकताओं को पूरा करने पर जोर देने का आग्रह किया।

