सफाईमित्र सुरक्षा एवं सम्मान शिविर: 3.69 लाख से अधिक स्वच्छता कर्मियों को मिला स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा लाभ
सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा आयोजित राष्ट्रीय स्तर के शिविर में 3,800 से अधिक स्थानीय निकायों ने हिस्सा लिया, जिसके तहत लाखों सफाईमित्रों के स्वास्थ्य परीक्षण और पीपीई किट वितरण किए गए।

राष्ट्रीय राजधानी में हाइब्रिड मोड में आयोजित एक राष्ट्रीय स्तर के सफाईमित्र सुरक्षा एवं सम्मान शिविर के माध्यम से 3,69,469 लाभार्थियों तक पहुंच बनाई गई। इस कार्यक्रम में 3,800 से अधिक शहरी स्थानीय निकायों (ULB), ग्रामीण स्थानीय निकायों (RLB) और लाइन विभागों ने अपनी भागीदारी दर्ज की। यह आयोजन भाग लेने वाले विभिन्न स्थानों पर भौतिक रूप से भी किया गया, ताकि स्वास्थ्य, सुरक्षा, कल्याण और सामाजिक सुरक्षा सेवाएं सीधे स्वच्छता कर्मियों तक पहुंचाई जा सकें।
सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस पहल के तहत मेघालय, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, केरल और बिहार जैसे राज्यों ने अपने प्रमुख नगर निगमों में स्वास्थ्य शिविर आयोजित कर भारी उत्साह दिखाया। अधिकारी के अनुसार, राज्यों की इस सक्रियता से उन सफाईमित्रों तक स्वास्थ्य जांच सेवाएं पहुंचाना संभव हुआ, जो अपने कार्य के दौरान नियमित रूप से व्यावसायिक स्वास्थ्य जोखिमों का सामना करते हैं।
शिविर की उपलब्धियों का विवरण देते हुए अधिकारी ने बताया कि इस पहल के माध्यम से 3,02,958 स्वास्थ्य जांचें की गईं। इसके अतिरिक्त, लाभार्थियों द्वारा 2,24,521 नमस्ते कार्ड डाउनलोड किए गए और स्वास्थ्य व सामाजिक सुरक्षा लाभों को सुलभ बनाने के लिए 57,967 आयुष्मान कार्ड वितरित किए गए। व्यावसायिक सुरक्षा को बढ़ाने के उद्देश्य से 1,28,928 व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (PPE) किट भी वितरित किए गए।
इसके साथ ही, शिविर के दौरान विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत 1,53,253 पंजीकरण सुगम बनाए गए, जिससे सफाईमित्रों को कल्याणकारी उपायों से जुड़ने में मदद मिली। मंत्रालय के अधिकारी ने कहा कि यह शिविर एक सुरक्षित, स्वस्थ और गरिमापूर्ण स्वच्छता पारिस्थितिकी तंत्र बनाने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है और सफाईमित्रों के महत्वपूर्ण योगदान को मान्यता देता है।
इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य सफाईमित्रों और स्वच्छता कर्मियों के योगदान को सम्मानित करना तथा उन्हें एक साझा मंच के माध्यम से स्वास्थ्य सेवा, सुरक्षा उपकरण और सरकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराना था। यह पहल केंद्र सरकार, राज्य सरकारों और स्थानीय निकायों के समन्वित प्रयासों के महत्व को रेखांकित करती है ताकि अंतिम छोर तक सेवाओं की डिलीवरी सुनिश्चित की जा सके।


