स्वच्छ सागर सुरक्षित सागर 5.0: 13 राज्यों के 231 स्थानों पर तटीय सफाई अभियान, 15 लाख लोगों ने ली महासागर संरक्षण की शपथ
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने 'स्वच्छ सागर सुरक्षित सागर 5.0' अभियान की सफलता की समीक्षा की और वैज्ञानिक उपलब्धियों को आम जनता तक पहुंचाने के लिए मंत्रालयों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया।

केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने हाल ही में संपन्न 'स्वच्छ सागर सुरक्षित सागर 5.0' अभियान की समीक्षा करते हुए इसमें व्यापक जनभागीदारी की सराहना की। 12 से 19 सितंबर, 2026 तक चलाए गए इस तटीय सफाई अभियान के तहत 13 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 231 स्थानों पर कार्य किया गया, जिसमें लगभग 15 लाख लोगों ने महासागर संरक्षण की शपथ ली। इस राष्ट्रव्यापी प्रयास में नागरिक, छात्र, तटीय समुदाय, सरकारी एजेंसियां, वैज्ञानिक संस्थान और स्वयंसेवक शामिल हुए।
डॉ. जितेंद्र सिंह की अध्यक्षता में आयोजित वैज्ञानिक मंत्रालयों और विभागों की मासिक समीक्षा बैठक में उन्होंने देश की वैज्ञानिक उपलब्धियों के व्यापक जन-प्रसार और विज्ञान मंत्रालयों के बीच मजबूत समन्वय का आह्वान किया। उन्होंने सुझाव दिया कि शहर-आधारित वैज्ञानिक समूहों का विकास किया जाए ताकि विभिन्न संस्थान और हितधारक एक साथ आ सकें और प्रयोगशालाओं में होने वाले महत्वपूर्ण कार्य समाज के व्यापक वर्ग तक पहुंच सकें।
बैठक के दौरान वैज्ञानिक उपलब्धियों को प्रदर्शित करने के लिए एक प्रस्तावित डिजिटल लाइब्रेरी की प्रगति की समीक्षा की गई। इसके लिए सीएसआईआर-एनआईएससीपीआर नोडल संस्था के रूप में कार्य कर रहा है। इस लाइब्रेरी में वैज्ञानिक संस्थानों के कार्यों को वीडियो और अन्य संचार उत्पादों के माध्यम से साझा किया जाएगा। इसके साथ ही विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय (डीएसटी), डीबीटी, डीएसआईआर/सीएसआईआर और शिक्षा मंत्रालय द्वारा किए जा रहे डिजिटल प्रचार प्रयासों का भी जायजा लिया गया।
बैठक में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की मासिक व्याख्यान श्रृंखला 'विज्ञान की बात' की प्रगति पर भी चर्चा हुई। इस श्रृंखला का उद्देश्य अत्याधुनिक अनुसंधान और तकनीकी नवाचार को जनता तक पहुंचाना है। इसका पहला संस्करण 29 अगस्त, 2026 को आयोजित हुआ था जिसमें 7,500 से अधिक लोगों ने भाग लिया। दूसरा संस्करण 26 सितंबर, 2026 को आयोजित होगा, जिसमें एस.एन. बोस राष्ट्रीय बुनियादी विज्ञान केंद्र के निदेशक मुख्य वक्ता होंगे और मूलभूत भौतिक विज्ञान तथा क्वांटम प्रौद्योगिकी पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
इसके अतिरिक्त, बैठक में 25 सितंबर, 2026 को निर्धारित सीएसआईआर@85 कार्यक्रम और ईएसटीआईसी-2026 की तैयारियों की समीक्षा की गई। डॉ. जितेंद्र सिंह ने इस बात पर बल दिया कि विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्र में भारत की प्रगति समाज के लिए दृश्यमान और प्रासंगिक होनी चाहिए, जिसके लिए मजबूत संस्थागत सहयोग और निरंतर जन सहभागिता आवश्यक है।
इस महत्वपूर्ण बैठक में भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार प्रो. अजय कुमार सूद, जैव प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव डॉ. राजेश गोखले, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव प्रो. उमेश वी. वाघमारे, वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान विभाग की सचिव प्रो. एन. कलैसेल्वी, पृथ्वी विज्ञान सचिव डॉ. टी. श्रीनिवास कुमार और एएनआरएफ के सीईओ डॉ. शिवकुमार कल्याणरमन सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।


