स्वच्छता ही सेवा: स्कूली बच्चों को जागरूक करने के लिए DARE-ICAR ने शुरू की विशेष पहल
कृषि अनुसंधान और शिक्षा विभाग (DARE) और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) देश भर में स्कूली बच्चों और समुदायों के बीच स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ा रहे हैं।

कृषि अनुसंधान और शिक्षा विभाग (DARE) और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) देशभर में अपने विभिन्न संस्थानों और शाखाओं के माध्यम से 'स्वच्छता ही सेवा' अभियान चला रहे हैं। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य स्वच्छता, साफ-सफाई और पर्यावरण के प्रति जन-जागरूकता को बढ़ावा देना है। इन पहलों के जरिए नागरिकों, विशेषकर स्कूली बच्चों को स्वच्छता और पर्यावरण के अनुकूल आदतें अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
इस अभियान के अंतर्गत DARE-ICAR और पूर्वोत्तर क्षेत्र के संस्थानों ने शिक्षण संस्थानों और स्थानीय समुदायों में कई गतिविधियां शुरू की हैं, ताकि छात्रों को पर्यावरण संरक्षण के मूल्यों से जोड़ा जा सके।
उत्तरी सिक्किम में, आईसीएआर-कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान (ATARI), गुवाहाटी के विशेषज्ञों की एक टीम ने छात्रों को टिकाऊ कचरा प्रबंधन के महत्व के बारे में जागरूक करने के लिए एक पहल की। इस दौरान छात्रों को उत्तरी सिक्किम के कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) ले जाया गया, जहाँ उन्हें सफाई के तरीकों और वर्मीकम्पोस्टिंग की प्रक्रिया समझाई गई। इसके माध्यम से छात्रों ने सीखा कि किस प्रकार जैविक कचरे को उपयोगी खाद में बदला जा सकता है।
इसी क्रम में, मेघालय के आईसीएआर रिसर्च कॉम्प्लेक्स फॉर नॉर्थ ईस्टर्न हिल रीजन के तहत आने वाले कृषि विज्ञान केंद्र, री भोई ने अपने केंद्र के आसपास के गांवों और सड़कों के किनारे सफाई अभियान चलाया। इस अभियान में संगठन के कर्मचारियों के साथ स्थानीय निवासियों ने भी सक्रिय रूप से भाग लिया, जिससे सामुदायिक भागीदारी और सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश प्रसारित हुआ।
DARE-ICAR और उसके संस्थानों का यह नेटवर्क स्वच्छता के संदेश को केवल संस्थानों तक सीमित न रखकर छात्रों और आम नागरिकों तक पहुंचा रहा है, जिससे जमीनी स्तर पर पर्यावरण जागरूकता और टिकाऊ तौर-तरीकों को बढ़ावा मिल सके।



