स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज और संबद्ध अस्पतालों की प्रगति की समीक्षा की
केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने एलएचएमसी और संबद्ध अस्पतालों में बुनियादी ढांचे के विस्तार, उन्नत सिमुलेशन प्रशिक्षण और नवजात देखभाल सुविधाओं का जायजा लिया।

केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जे.पी. नड्डा ने लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज (एलएचएमसी) और इससे संबद्ध अस्पतालों—श्रीमती सुचेता कृपलानी अस्पताल (एसएसकेएच) तथा कलावती सरन चिल्ड्रन्स हॉस्पिटल (केएससीएच)—की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान स्वास्थ्य सेवा के बुनियादी ढांचे, विशेषीकृत नैदानिक सेवाओं, चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान और मरीजों की देखभाल को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया गया।
समीक्षा बैठक में कलावती सरन चिल्ड्रन्स हॉस्पिटल (केएससीएच) के विस्तार कार्य की जानकारी दी गई। इस परियोजना के तहत अस्पताल की कुल बिस्तर क्षमता को 394 से बढ़ाकर 894, आईसीयू की क्षमता को 40 से बढ़ाकर 200 बिस्तर और ऑपरेशन थिएटरों की संख्या को 4 से बढ़ाकर 12 करने की योजना है। इस विस्तार का उद्देश्य तृतीयक और सुपर-स्पेशियलिटी बाल चिकित्सा देखभाल को मजबूत करना तथा चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण की क्षमता का विस्तार करना है।
श्री नड्डा ने जोर दिया कि आगामी परियोजनाओं की योजना मरीज-केन्द्रित और भविष्य उन्मुख होनी चाहिए। उन्होंने निर्माण की उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित करने, समय सीमा की कड़ाई से निगरानी करने और बुनियादी ढांचे के विस्तार के साथ-साथ डॉक्टरों, नर्सों और अन्य स्वास्थ्य पेशेवरों की भर्ती समानांतर रूप से करने के निर्देश दिए। उन्होंने भविष्य के लिए एक व्यापक मास्टर प्लान तैयार करने और बड़े पैमाने की परियोजनाओं के लिए निजी क्षेत्र की विशेषज्ञता एवं साझेदारियों की संभावनाओं को तलाशने का सुझाव दिया।
दौरे के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज की अत्याधुनिक स्किल लैब का निरीक्षण किया। यह एक बहु-विषयक सिमुलेशन-आधारित प्रशिक्षण सुविधा है, जिसमें आईसीयू, सर्जिकल कौशल, प्रसूति ओटी, एनआईसीयू और ट्रॉमा जैसे विभिन्न क्षेत्रों के लिए समर्पित सिमुलेशन क्षेत्र उपलब्ध हैं। यह लैब स्नातक और स्नातकोत्तर प्रशिक्षण तथा नैदानिक दक्षता बढ़ाने के लिए एक एकीकृत मंच प्रदान करती है।
इसके अलावा, उन्होंने कलावती सरन चिल्ड्रन्स हॉस्पिटल के हाल ही में शुरू हुए ऑगमेंटेड लेवल III-बी नवजात देखभाल केंद्र का भी दौरा किया। अस्पताल के नियोनेटोलॉजी विभाग में 80 गहन चिकित्सा बिस्तर हैं, जहां प्रतिवर्ष 10,000 से अधिक प्रसव होते हैं और यहाँ जीवित रहने की दर 93 प्रतिशत से अधिक है। इस केंद्र में हाई-फ्रीक्वेंसी ऑसिलेटरी वेंटिलेशन (एचएफओवी) और इनहेल्ड नाइट्रिक ऑक्साइड थेरेपी जैसी उन्नत सेवाएं उपलब्ध हैं। नए एनआईसीयू-बी में 7 एनआईसीयू बिस्तर, 8 एचडीयू बिस्तर और 15 कंगारू मदर केयर (केएमसी) शय्याएं शामिल हैं।
समीक्षा बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के सीईओ श्री सुनील कुमार बर्नवाल, महानिदेशक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. एल.जी. कृष्णा, संयुक्त सचिव श्रीमती जी.एस. चित्रा और एलएचएमसी की निदेशक डॉ. हिमानी आहलूवालिया सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।


