अमित शाह ने केरल के कोल्लम में 'शी मार्ट' और महिला सशक्तीकरण की विभिन्न पहलों का शुभारंभ किया
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने केरल के कोल्लम में 'वनिथम शी मार्ट शॉप्स' का लोकार्पण किया, जिसका उद्देश्य महिला उद्यमियों और स्वयं सहायता समूहों को सीधे बाजार से जोड़ना है।

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने केरल के कोल्लम स्थित पवित्रम कन्वेंशन सेंटर में महिला सशक्तीकरण और सहकारिता से जुड़ी विभिन्न पहलों का शुभारंभ किया। इस कार्यक्रम में केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस तथा पर्यटन राज्य मंत्री श्री सुरेश गोपी सहित सहकारिता क्षेत्र के कई प्रतिनिधि उपस्थित थे।
इस अवसर पर अमित शाह ने 'वनिथम शी मार्ट शॉप्स' का लोकार्पण किया और NCCF के 'जनः' उत्पादों की बिक्री की शुरुआत की। उन्होंने बताया कि 'शी मार्ट' की अवधारणा महिला स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण महिला उद्यमियों को सीधे उपभोक्ताओं और बाजार से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। इस योजना के तहत केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक में 300 से अधिक शी मार्ट स्टोर स्थापित किए जाएंगे, जहाँ भारत ब्रांड के साथ-साथ स्थानीय उत्पाद भी उपलब्ध होंगे। इससे प्रोक्योरमेंट, प्रोसेसिंग, ब्रांडिंग और पैकेजिंग के स्तर पर किसानों और महिला उद्यमियों को सीधा लाभ मिलेगा।
सहकारिता के महत्व पर चर्चा करते हुए श्री शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'सहकार से समृद्धि' विजन में महिला सशक्तीकरण एक मूल उद्देश्य है। उन्होंने उल्लेख किया कि केंद्र में अलग सहकारिता मंत्रालय के गठन से ग्रामीण विकास और महिला सशक्तीकरण को नई गति मिली है। केरल की समृद्ध सहकारी विरासत की सराहना करते हुए उन्होंने बताया कि राज्य में 23 हजार से अधिक सक्रिय सहकारी समितियां कार्य कर रही हैं।
महिला सशक्तिकरण के आंकड़ों को साझा करते हुए उन्होंने बताया कि वर्ष 2017-18 में महिला श्रम बल भागीदारी लगभग 23 प्रतिशत थी, जो अब बढ़कर 40 प्रतिशत हो गई है। साथ ही, 36 करोड़ महिलाओं के बैंक खाते खोले गए हैं और भारतीय सेना में 11 हजार से अधिक महिला अधिकारी अपनी सेवाएं दे रही हैं। उन्होंने बताया कि 3 करोड़ 'लखपति दीदी' का लक्ष्य समय से पहले पूरा कर लिया गया है और अब 2029 तक इसे बढ़ाकर 6 करोड़ करने का लक्ष्य रखा गया है।
कार्यक्रम के दौरान अमित शाह ने 35 रुपये प्रति किलो की सब्सिडी दर पर प्याज उपलब्ध कराने वाली NCCF और NAFED की मोबाइल वैन को हरी झंडी दिखाई। साथ ही, आत्मनिर्भर दलहन मिशन के तहत महिला किसानों को मुफ्त उड़द और चना बीज किट वितरित किए गए और NAFED-कल्याण छात्रवृत्ति योजना के तहत बालिकाओं को चेक प्रदान किए गए।
केंद्रीय मंत्री ने केरल की 'ब्लू इकोनॉमी' की संभावनाओं पर जोर देते हुए कहा कि राज्य की लंबी तटरेखा और समुद्री परंपरा मत्स्य क्षेत्र में बड़े अवसर प्रदान करती है। उन्होंने राज्य सरकार से केंद्र की योजनाओं का लाभ उठाने का आग्रह किया ताकि मत्स्य और समुद्री क्षेत्र को एक बड़े आर्थिक अवसर में बदला जा सके। इस आयोजन में NCCF और CFCICI के बीच तथा NCCF और भारत लझना सहकारी समिति के बीच विभिन्न समझौतों (MoU) का आदान-प्रदान भी हुआ।
