केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के निरंतर नेतृत्व पर पारित किया बधाई प्रस्ताव
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सरकार के मुखिया के रूप में 25 वर्ष का निरंतर नेतृत्व पूर्ण करने पर बधाई देने वाला एक प्रस्ताव पारित किया है।

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सरकार के मुखिया के रूप में 25 वर्ष का निरंतर नेतृत्व पूर्ण करने पर बधाई देने का प्रस्ताव पारित किया है। इस प्रस्ताव में प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा को 'राष्ट्र प्रथम' और 'नागरिक प्रथम' के सिद्धांतों से निर्देशित बताया गया है। प्रस्ताव के अनुसार, गुजरात में तीन बार मिले जनादेश और लगातार तीन लोकसभा चुनावों के समर्थन से जनता का उन पर अटूट विश्वास झलकता है।
इस प्रस्ताव में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की दस प्रमुख विशेषताओं का उल्लेख किया गया है। इसमें बताया गया है कि उन्होंने गुजरात की सफल पहलों, जैसे कि 'स्वागत' (SWAGAT) पहल, जिसे 2010 में संयुक्त राष्ट्र लोक सेवा पुरस्कार मिला, को राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाया। इसी तर्ज पर 'प्रगति' (PRAGATI) और कृषि के लिए ज्योतिग्राम की अलग विद्युत लाइनों जैसी योजनाओं का विस्तार पूरे भारत में किया गया।
गरीब कल्याण के क्षेत्र में इस प्रस्ताव ने 60 करोड़ जन धन खातों, 4 करोड़ से अधिक घरों के निर्माण और 25 करोड़ लोगों के गरीबी से बाहर निकलने के आंकड़ों को रेखांकित किया है। महिला सशक्तिकरण के अंतर्गत 3.5 करोड़ महिलाओं के 'लखपति दीदी' बनने और नारी शक्ति वंदन अधिनियम के माध्यम से आरक्षण के प्रावधान का उल्लेख है। साथ ही, पीएम-किसान योजना के तहत 4 लाख करोड़ रुपये से अधिक के हस्तांतरण और पीएम-जनमन योजना द्वारा कमजोर आदिवासी समुदायों की सहायता की बात कही गई है।
आर्थिक और बुनियादी ढांचे के विकास पर जोर देते हुए बताया गया कि उनके नेतृत्व में सार्वजनिक पूंजीगत व्यय 2 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 12 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया और इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन 2 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 13 लाख करोड़ रुपये से अधिक पहुंच गया। प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में जन धन, आधार, मोबाइल संपर्क और यूपीआई ने सेवाओं में सुधार किया है। वैज्ञानिक उपलब्धियों में कोविड-19 टीके का विकास और चंद्रयान-3 की सफलता को शामिल किया गया है।
राष्ट्रीय सुरक्षा के संदर्भ में प्रस्ताव में 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक, 2019 के बालाकोट हवाई हमले, 2025 के ऑपरेशन सिंदूर, अनुच्छेद 370 को हटाने, 'एक रैंक एक पेंशन' और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) के पद के सृजन को निर्णायक नेतृत्व का प्रमाण बताया गया है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के बढ़ते प्रभाव का जिक्र करते हुए जी20 और ब्रिक्स सम्मेलनों में सर्वसम्मति बनाने, अफ्रीकी संघ को जी20 में शामिल कराने और 'वैक्सीन मैत्री' अभियान की सराहना की गई है। प्रस्ताव के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी को 36 देशों से सम्मान प्राप्त हुआ है।
अंत में, प्रस्ताव में सांस्कृतिक विरासत और पर्यावरणीय जिम्मेदारी के समन्वय की चर्चा की गई है, जिसमें नवीकरणीय ऊर्जा विस्तार, योग, मोटे अनाज को बढ़ावा, काशी विश्वनाथ धाम और रामलला की प्रतिमा की स्थापना शामिल है। यह प्रस्ताव वर्ष 2047 तक एक समृद्ध, आत्मनिर्भर और विकसित भारत बनाने की उनकी दृष्टि के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

