कोयला मंत्रालय 2 अक्टूबर से शुरू करेगा 'विशेष अभियान-6', ई-कचरे के निपटान और डिजिटलीकरण पर रहेगा जोर
केंद्रीय कोयला मंत्रालय 2 से 31 अक्टूबर 2026 तक अपने सभी कार्यालयों और सार्वजनिक उपक्रमों में 'विशेष अभियान-6' आयोजित करेगा, जिसका मुख्य उद्देश्य कचरे से संपदा बनाना और कार्यस्थलों का अनुकूलन करना है।

केंद्रीय कोयला मंत्रालय आगामी 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक अपने सभी प्रशासनिक कार्यालयों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में 'विशेष अभियान-6' का आयोजन करने जा रहा है। यह एक महीने तक चलने वाली पहल “वेस्टेज टू वेल्थ” (कचरे से संपदा) के राष्ट्रीय दृष्टिकोण पर आधारित है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य ई-कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निपटान, कबाड़ की सफाई, कार्यालय स्थलों का अनुकूलन और कार्यस्थलों का डिजिटलीकरण करना है, ताकि कुशल और नागरिक-केंद्रित शासन को बढ़ावा दिया जा सके।
अभियान की तैयारी और कार्यान्वयन के लिए मंत्रालय द्वारा महत्वपूर्ण समीक्षा बैठकें आयोजित की गई हैं। 28 सितंबर 2026 को मंत्रालय की अपर सचिव श्रीमती रूपिंदर बराड़ ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर अभियान की रणनीति और लक्ष्यों को निर्धारित किया। इसके बाद, 29 सितंबर 2026 को संयुक्त सचिव श्री संजीव कुमार कासी ने कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) और उसकी सहायक कंपनियों, एनएलसी इंडिया लिमिटेड (NLCIL), कोयला नियंत्रक संगठन (CCO) तथा कोयला खान भविष्य निधि संगठन (CMPFO) के नोडल अधिकारियों के साथ एक अनुवर्ती समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।
तैयारी के हिस्से के रूप में, मंत्रालय अपने केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और अधीनस्थ संगठनों के साथ मिलकर अनुपयोगी वस्तुओं, भौतिक कबाड़ और ई-कचरे की पहचान कर रहा है। इन वस्तुओं के व्यवस्थित पृथक्करण और वैज्ञानिक निपटान के जरिए परिसंपत्तियों के कुशल प्रबंधन और स्वच्छ कार्यस्थलों को बढ़ावा दिया जाएगा।
इस पहल के तहत कुछ जागरूकता गतिविधियां भी शुरू की गई हैं। वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (WCL) ने डब्ल्यूसीएल कोयला विहार में कर्मचारियों के बच्चों के लिए एक “कचरे से संपदा कार्यशाला” आयोजित की, जिसमें बच्चों ने कचरे से रोबोट, अंतरिक्ष यान और कार जैसे मॉडल बनाए। वहीं, कोयला नियंत्रक संगठन (CCO) ने “स्वच्छता और विकसित भारत की परिकल्पना” विषय पर एक वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया, ताकि अधिकारियों के बीच पर्यावरण संबंधी जागरूकता और संवाद को प्रोत्साहित किया जा सके।


