जम्मू-कश्मीर: सुरक्षा बलों ने लश्कर-ए-तैयबा के सीनियर कमांडर मूसा को मार गिराया
सुरक्षा बलों ने एक संयुक्त ऑपरेशन में लश्कर-ए-तैयबा के सीनियर कमांडर मूसा (उर्फ आसिफ फौजी) को ढेर कर दिया है, जिससे क्षेत्र में आतंकी नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है।

भारतीय सुरक्षा बलों ने जम्मू-कश्मीर के बडगाम ज़िले में एक खुफिया जानकारी आधारित संयुक्त ऑपरेशन के दौरान लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के सीनियर कमांडर मूसा, जिसे आसिफ फौजी के नाम से भी जाना जाता था, को मार गिराया है। यह मुठभेड़ खानसाहिब पुलिस स्टेशन क्षेत्र के गुरवतकलान इलाके में हुई।
सुरक्षा बल लंबे समय से मूसा की तलाश कर रहे थे। हाल ही में प्राप्त टेक्निकल और ह्यूमन इंटेलिजेंस के आधार पर उसके मूवमेंट और लोकेशन की जानकारी मिली, जिसके बाद सभी संबंधित एजेंसियों ने मिलकर उसे खत्म करने के लिए एक विशेष योजना तैयार की थी। यह एनकाउंटर मई 2026 में शुरू हुए 'ऑपरेशन शेरूवाली' का हिस्सा था।
मूसा के मारे जाने के साथ ही 2022 से जम्मू-कश्मीर में सक्रिय लश्कर-ए-तैयबा के चार सीनियर कमांडरों का पूरा समूह खत्म हो गया है। यह समूह कई गंभीर हमलों के लिए जिम्मेदार था, जिनमें अगस्त 2023 का हालन हमला, दिसंबर 2023 का DKG हमला, मई 2023 का कंडी हमला, मई 2024 का शाहसीतार हमला, जून 2024 का शिव खोरी हमला, अक्टूबर 2024 के गगनगीर और बूटापथरी हमले तथा अप्रैल 2025 का बैसरण हमला शामिल हैं।
इस समूह के अन्य तीन सदस्यों को सुरक्षा बलों ने पहले ही अलग-अलग मुठभेड़ों में मार गिराया था। इनमें जुनैद भट (3 दिसंबर 2024, दाचीगाम), सुलेमान (28 जुलाई 2025, ऑपरेशन महादेव) और यासिर (4 सितंबर 2026, ऑपरेशन असधर) शामिल थे।
गृह मंत्रालय के अनुसार, जम्मू कश्मीर पुलिस, भारतीय सेना और CAPF जैसी सुरक्षा एजेंसियां पिछले कुछ वर्षों से आपसी तालमेल के साथ आतंकरोधी अभियान चला रही हैं, जिसका यह सकारात्मक परिणाम है।