भारतीय रेलवे का बड़ा कदम: सवलियापुरम-गुंटूर खंड के इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन सिस्टम के अपग्रेड के लिए 142 करोड़ रुपये मंजूर
भारतीय रेलवे ने दक्षिण तट रेलवे के 73 किलोमीटर लंबे सवलियापुरम-गुंटूर खंड पर इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन सिस्टम को 1x25 केवी से 2x25 केवी में अपग्रेड करने की मंजूरी दी है।

भारतीय रेलवे ने दक्षिण तट रेलवे के सवलियापुरम-गुंटूर खंड पर बिजली आपूर्ति बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। रेलवे ने इस 73 किलोमीटर लंबे खंड पर इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन सिस्टम को 1x25 केवी से बढ़ाकर 2x25 केवी करने की मंजूरी दे दी है। इस पूरी परियोजना पर कुल 142 करोड़ रुपये की लागत आएगी।
यह परियोजना 146 किलोमीटर ट्रैक को कवर करेगी, जिसका मुख्य उद्देश्य इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन इंफ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ करना और रेलवे की बढ़ती गतिविधियों को संभालने की क्षमता में वृद्धि करना है। सवलियापुरम-गुंटूर खंड पर विद्युत कर्षण प्रणाली का यह उन्नयन 'एचयूएन रूट 8' का एक हिस्सा है। यह रूट वास्को-गडग-गुंटकल-नंद्याल-सवल्यापुरम-गुंटूर-विजयवाड़ा मार्ग को कवर करता है।
रेलवे के अनुसार, उन्नत ट्रैक्शन सिस्टम के लागू होने से इस खंड पर इलेक्ट्रिक ट्रेनों के संचालन के लिए बिजली आपूर्ति व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी। इससे भारतीय रेलवे भविष्य की बढ़ती यातायात आवश्यकताओं को अधिक कुशलता से पूरा करने में सक्षम होगा। साथ ही, इस कदम से महत्वपूर्ण एचयूएन मार्ग की क्षमता और विश्वसनीयता बढ़ेगी, जिससे ट्रेन संचालन सुचारू होगा और क्षेत्रीय रेल नेटवर्क को मजबूती मिलेगी।
यह पहल भारतीय रेलवे के कर्षण अवसंरचना के आधुनिकीकरण और नेटवर्क क्षमता बढ़ाने के निरंतर प्रयासों का हिस्सा है, ताकि भविष्य में यातायात की संभावित वृद्धि के लिए रेलवे प्रणाली को तैयार किया जा सके।

