भारत और दक्षिण कोरिया के बीच रक्षा उद्योग और लॉजिस्टिक्स सहयोग पर 10वीं संयुक्त समिति की बैठक संपन्न
नई दिल्ली में आयोजित इस बैठक में भारत और कोरिया गणराज्य ने रक्षा उत्पादन और लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने और भागीदारी बढ़ाने पर चर्चा की।

भारत और कोरिया गणराज्य के बीच रक्षा उद्योग तथा लॉजिस्टिक्स सहयोग पर संयुक्त समिति (JCM) की 10वीं बैठक 29 सितंबर, 2026 को नई दिल्ली में आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य रक्षा उद्योग और लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में वर्तमान द्विपक्षीय सहयोग की समीक्षा करना और रक्षा संबंधों को अधिक व्यापक एवं मजबूत बनाने के उपायों पर विचार-विमर्श करना था।
चर्चा के दौरान दोनों देशों ने अपने रक्षा उद्योग जगत के बीच सहयोग को विस्तृत करने और रक्षा उत्पादन एवं लॉजिस्टिक्स में अधिकतम भागीदारी को बढ़ावा देने के तरीकों पर ध्यान केंद्रित किया। इस महत्वपूर्ण बैठक की सह-अध्यक्षता रक्षा मंत्रालय के अपर सचिव (रक्षा उत्पादन) दिनेश माहुर और कोरिया गणराज्य के रक्षा अधिग्रहण कार्यक्रम प्रशासन (DAPA) के उप-मंत्री किम इल डोंग ने की।
इस अवसर पर भारत में कोरिया गणराज्य के राजदूत सियोंग हो ली और रक्षा मंत्रालय के रक्षा उत्पादन विभाग के संयुक्त सचिव (नौसेना प्रणाली) डॉ. विजय नामदेवराव जादे ने भी वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक में शिरकत की। बैठक में दोनों देशों की प्रमुख रक्षा कंपनियों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। भारत की ओर से लार्सन एंड टुब्रो (L&T) और भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (BEML) ने भाग लिया, जबकि कोरिया गणराज्य की ओर से हान्वा एयरोस्पेस, कोरियन एयर, हान्वा सिस्टम्स, कोरिया एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज (KAI) और डीएस नवकर्स के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
बैठक के इतर, कोरिया गणराज्य के रक्षा अधिग्रहण कार्यक्रम प्रशासन (DAPA) के उप-मंत्री किम इल डोंग ने रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को सशक्त बनाने के प्रति अपना विश्वास व्यक्त किया और रक्षा उद्योग तथा लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में सहयोग विस्तार की साझा प्रतिबद्धता दोहराई। यह बैठक भारत और कोरिया गणराज्य के बीच निरंतर बढ़ते रक्षा संबंधों को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित हुई।


