11वें आयुर्वेद दिवस की तैयारी: 30 राज्यों में 9,700 से अधिक कार्यक्रमों का आयोजन, लाखों लोगों ने जताया समर्थन
देशभर में 23 सितंबर को 'स्वस्थ भविष्य के लिए आयुर्वेद' विषय के साथ 11वां आयुर्वेद दिवस मनाया जाएगा, जिसमें व्यापक जनभागीदारी देखी जा रही है।

भारत भर में 23 सितंबर को 11वां आयुर्वेद दिवस मनाया जाएगा। इस वर्ष के आयोजन का मुख्य विषय "स्वस्थ भविष्य के लिए आयुर्वेद" रखा गया है। इस अवसर पर देश के 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 9,700 से अधिक विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया है।
जनभागीदारी के आंकड़ों के अनुसार, आयुर्वेद दिवस की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से 36 लाख से अधिक प्रतिभागियों ने अपना पंजीकरण कराया है। साथ ही, लगभग 89.3 लाख नागरिकों ने वेबसाइट के जरिए आयुर्वेद के प्रति अपने समर्थन का संकल्प लिया है। इस पूरे आयोजन के लिए ayurvedaday.org.in नामक माइक्रोसाइट विकसित की गई है, जो नागरिकों की भागीदारी, पंजीकरण और रिपोर्टिंग के लिए एक डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में कार्य कर रही है।
राष्ट्रव्यापी स्तर पर उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों ने इस आयोजन में महत्वपूर्ण भागीदारी दर्ज की है। जागरूकता बढ़ाने के लिए आयुर्वेद स्वास्थ्य एवं कल्याण शिविर, सूचना, शिक्षा और संचार (आईईसी) गतिविधियां और जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसके अलावा, स्कूलों और कॉलेजों में जागरूकता अभियान, औषधीय पौधों का वृक्षारोपण, युवा सहभागिता पहल, स्वस्थ आहार प्रथाओं को बढ़ावा देने वाले अभियान और आयुर्वेद प्रश्नोत्तरी जैसी गतिविधियां भी शामिल हैं।
इस समारोह का प्रभाव अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी देखा गया है। 11वें आयुर्वेद दिवस के उपलक्ष्य में 10 देशों में विभिन्न गतिविधियों का आयोजन हुआ, जिसमें 1,900 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इन देशों और क्षेत्रों में यूनाइटेड किंगडम, संयुक्त राज्य अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, डेनमार्क, आइसलैंड, स्पेन, बुल्गारिया, अल्जीरिया, अफगानिस्तान और ब्रिटिश हिंद महासागर क्षेत्र शामिल हैं। यह अंतरराष्ट्रीय भागीदारी भारत से बाहर के समुदायों और संस्थानों के बीच आयुर्वेद की बढ़ती स्वीकार्यता और पहुंच को दर्शाती है।



