11वें आयुर्वेद दिवस 2026: भारत सहित 38 देशों में व्यापक भागीदारी, 1.32 करोड़ नागरिकों ने दिया समर्थन
23 सितंबर को 'बेहतर कल के लिए आयुर्वेद' विषय के साथ आयोजित 11वें आयुर्वेद दिवस समारोह में देश-विदेश के लाखों लोगों ने हिस्सा लिया।

भारत और वैश्विक स्तर पर 23 सितंबर को 11वें आयुर्वेद दिवस का आयोजन किया गया। इस वर्ष का समारोह "बेहतर कल के लिए आयुर्वेद" विषय पर आधारित था, जिसमें व्यापक जनभागीदारी दर्ज की गई।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, आयुर्वेद दिवस के डिजिटल मंच पर 1,32,47,311 नागरिकों ने अपना समर्थन व्यक्त किया। आयोजन की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से 22,000 से अधिक गतिविधियों की जानकारी प्राप्त हुई, जबकि देशव्यापी कार्यक्रमों में कुल 13,10,690 प्रतिभागियों ने अपना पंजीकरण कराया। इस आयोजन के दौरान जनभागीदारी और विभिन्न गतिविधियों को दर्शाने वाली 90,000 से अधिक तस्वीरें भी प्राप्त हुईं।
आयुर्वेद दिवस 2026 के डिजिटल प्लेटफॉर्म (ayurvedaday.org.in) ने नागरिकों, समुदायों, संस्थानों और संगठनों को अपनी भागीदारी दर्ज करने और आयोजित गतिविधियों की जानकारी साझा करने के लिए एक साझा माध्यम उपलब्ध कराया। भारत के भीतर महाराष्ट्र, ओडिशा और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में विशेष रूप से व्यापक भागीदारी देखी गई, जहां विभिन्न संस्थानों और समुदायों में आयुर्वेद के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए कार्यक्रम आयोजित किए गए।
इस समारोह की वैश्विक पहुंच भी महत्वपूर्ण रही। दुनिया के 38 से अधिक देशों में आयुर्वेद दिवस से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी मिली, जिनमें ब्रिटेन, संयुक्त राज्य अमेरिका, चीन, जापान, फिनलैंड, अफगानिस्तान, घाना, न्यूजीलैंड, रूस, जॉर्जिया और अल्बानिया जैसे देश प्रमुख थे।
समारोह के दौरान विभिन्न प्रकार की गतिविधियां आयोजित की गईं, जिनमें मुख्य रूप से आयुर्वेद जागरूकता कार्यक्रम, स्वास्थ्य एवं कल्याण शिविर, जन-जागरूकता पहल, शैक्षिक कार्यक्रम, औषधीय पौधों का रोपण और संरक्षण अभियान, आयुर्वेद आहार तथा स्वस्थ आहार पद्धतियों और नागरिक सहभागिता अभियानों का आयोजन किया गया।



