DGCA ने जारी किया जाइरोप्लेन पायलटों के लिए नया प्रशिक्षण ढांचा और लाइसेंसिंग नियम
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने जाइरोप्लेन श्रेणी में पायलट लाइसेंस प्राप्त करने के इच्छुक उम्मीदवारों के लिए ग्राउंड और फ्लाइंग ट्रेनिंग सिलेबस निर्धारित किया है।

नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने जाइरोप्लेन पायलटों के लिए एक नया प्रशिक्षण ढांचा पेश किया है। इसके तहत "जाइरोप्लेन के लिए पायलट लाइसेंस जारी करने हेतु ग्राउंड और फ्लाइंग ट्रेनिंग सिलेबस" शीर्षक से एक नई नागरिक उड्डयन आवश्यकता (CAR), धारा 7, श्रृंखला बी, भाग XXI जारी की गई है।
यह सीएआर उन उम्मीदवारों के लिए ग्राउंड और उड़ान प्रशिक्षण पाठ्यक्रम को निर्धारित करती है जो जाइरोप्लेन श्रेणी में डीजीसीए पायलट लाइसेंस प्राप्त करना चाहते हैं। जानकारी के अनुसार, जाइरोप्लेन एक विशिष्ट प्रकार के विमान होते हैं जिनमें लिफ्ट जेनरेट करने के लिए स्वतंत्र रूप से घूमने वाले रोटर सिस्टम का उपयोग किया जाता है, जबकि आगे बढ़ने के लिए आवश्यक बल प्रोपेलर द्वारा प्रदान किया जाता है।
अपनी प्रचालनगत क्षमताओं के कारण जाइरोप्लेन मनोरंजक उड़ान, हवाई अनुभव उड़ान के साथ-साथ कृषि संबंधी छिड़काव, बैनर टोइंग, निगरानी और सर्वेक्षण जैसे महत्वपूर्ण हवाई कार्यों के लिए उपयुक्त माने जाते हैं।
इस नई नागरिक उड्डयन आवश्यकता (सीएआर) का प्रख्यापन भारत में जाइरोप्लेन के संचालन को सुगम बनाने और उन्हें पेश करने की दिशा में पहला कदम है। सरकार के अनुसार, भविष्य में प्रशिक्षण संगठनों की स्थापना के साथ-साथ विनिर्माण एवं एसेंबली क्षमताओं के विकास जैसे अन्य उपाय नागरिक उड्डयन के इस उभरते क्षेत्र को आगे बढ़ाने में सहायक होंगे।

