ICAR ने मुख्य सचिवों के 5वें राष्ट्रीय सम्मेलन के कार्य बिंदुओं पर गठित नौ समितियों की प्रगति की समीक्षा की
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद ने विकसित भारत के लिए मानव पूंजी, उच्च शिक्षा और कौशल विकास को मजबूत करने हेतु गठित नौ समितियों के कार्यों का आकलन किया।

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) ने दिसंबर 2025 में आयोजित मुख्य सचिवों के 5वें राष्ट्रीय सम्मेलन से निकले प्रमुख कार्य बिंदुओं पर विचार करने के लिए गठित नौ समितियों की प्रगति की समीक्षा की। इस समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग (DARE) के सचिव और ICAR के महानिदेशक डॉ. एम. एल. जाट ने की।
ये समितियां विकसित भारत के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए मानव पूंजी को मजबूत करने के उद्देश्य से कुल 28 कार्य बिंदुओं पर कार्य कर रही हैं। इन कार्य बिंदुओं में विशेष रूप से उच्च शिक्षा, कौशल, नवाचार और क्षमता निर्माण पर ध्यान केंद्रित किया गया है। इस समीक्षा का मुख्य उद्देश्य समितियों की प्रगति का आकलन करना और समयबद्ध तरीके से कार्रवाई योग्य सिफारिशें तैयार करना था।
बैठक को संबोधित करते हुए डॉ. एम. एल. जाट ने कहा कि मानव पूंजी और उच्च शिक्षा को सशक्त बनाने के लिए ऐसी अनुशंसाओं की आवश्यकता है जो साक्ष्य-आधारित, मापन योग्य और कार्यान्वयन के अनुकूल हों। उन्होंने जोर दिया कि सभी सिफारिशें प्रासंगिक आंकड़ों, दस्तावेजी साक्ष्यों और सर्वोत्तम प्रथाओं द्वारा समर्थित होनी चाहिए ताकि प्रभावी परिणाम प्राप्त किए जा सकें।
ICAR के उप महानिदेशक (कृषि शिक्षा) डॉ. यशपाल सिंह मलिक ने अपने संबोधन में समितियों के समन्वित प्रयासों के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्य बिंदुओं का समाधान करने और राष्ट्रीय सम्मेलन की चर्चाओं को ठोस परिणामों में बदलने के लिए एक संरचित दृष्टिकोण अपनाना आवश्यक है।
समीक्षा बैठक के दौरान नौ समितियों के सदस्य सचिवों ने अपनी प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसमें उपलब्धियों, चिन्हित क्षेत्रों में हुई प्रगति, वर्तमान कमियों और प्रस्तावित अनुशंसाओं का विवरण शामिल था। बैठक का समापन इस निर्देश के साथ हुआ कि समितियां समय पर साक्ष्य-आधारित और कार्यान्वयन योग्य अनुशंसाएं प्रस्तुत करें ताकि उन पर आगे आवश्यक कार्रवाई की जा सके।



