SAIL की 54वीं एजीएम: वित्त वर्ष 2025-26 में ₹1,09,000 करोड़ का रिकॉर्ड कारोबार, वैल्यू-ऐडेड स्टील उत्पादन में बढ़ोत्तरी
स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) ने अपनी 54वीं वार्षिक आम बैठक में वित्त वर्ष 2025-26 के रिकॉर्ड प्रदर्शन की जानकारी दी और 2030-31 तक अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने का लक्ष्य रखा।

स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) ने 24 सितंबर 2026 को नई दिल्ली के सीएसओआई में हाइब्रिड मोड में अपनी 54वीं वार्षिक आम बैठक (एजीएम) आयोजित की। इस बैठक में कंपनी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (सीएमडी) डॉ. ए. के. पंडा ने वित्त वर्ष 2025-26 के प्रदर्शन और भविष्य की रणनीतिक प्राथमिकताओं के बारे में विस्तार से जानकारी साझा की।
सीएमडी डॉ. पंडा ने बताया कि वैश्विक इस्पात बाजार में उतार-चढ़ाव और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत ने दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते इस्पात उत्पादक के रूप में अपनी स्थिति बनाए रखी है। उन्होंने कहा कि SAIL ने तकनीकी उन्नयन, डिजिटलीकरण, वित्तीय विवेक और स्थिरता के माध्यम से नए मानदंड स्थापित किए हैं।
उत्पादन के मोर्चे पर, कंपनी ने क्रूड स्टील, फिनिश्ड स्टील और सेलेबल स्टील के अब तक के सर्वश्रेष्ठ उत्पादन स्तर को छुआ है। SAIL ने 10.7 मिलियन टन वैल्यू-ऐडेड स्टील का उत्पादन किया, जो कुल सेलेबल स्टील का 56% है और वित्त वर्ष 2024-25 की तुलना में इसमें 7% की वृद्धि दर्ज की गई है। इसके अलावा, बुनियादी ढांचे, विनिर्माण, ऊर्जा और ऑटोमोटिव क्षेत्रों के लिए 28 नए उत्पाद पेश किए गए हैं।
राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका को रेखांकित करते हुए डॉ. पंडा ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी ने स्वदेशी रूप से विकसित वंदे भारत पहियों की पहली खेप भेजी। साथ ही, भारतीय नौसेना के पांच जहाजों—आईएनएस अर्नाला, उदयगिरि, हिमगिरि, एंड्रोथ और अंजदीप के लिए इस्पात की आपूर्ति की गई।
वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो SAIL ने वित्त वर्ष 2025-26 में ₹1,09,000 करोड़ से अधिक का अब तक का सबसे अधिक कारोबार दर्ज किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 8% अधिक है। कंपनी ने उधारी में ₹5,000 करोड़ से अधिक की कमी की है। लाभप्रदता में सुधार के साथ कर पूर्व लाभ (PBT) में 44% और कर पश्चात लाभ (PAT) में 50.5% की वृद्धि हुई है। बोर्ड ने ₹2.35 प्रति इक्विटी शेयर के अंतिम लाभांश की सिफारिश की है।
पर्यावरण और सस्टेनेबिलिटी के तहत, इस्को स्टील प्लांट (IISCO) के 4 मेगावाट फ्लोटिंग सोलर प्लांट से 5.61 मिलियन यूनिट हरित ऊर्जा उत्पन्न की गई है, जबकि भिलाई स्टील प्लांट में 20 मेगावाट का प्लांट निर्माणाधीन है। विभिन्न संयंत्रों में 278.5 मेगावाट की सौर परियोजनाओं पर विचार किया जा रहा है।
भविष्य की योजनाओं पर चर्चा करते हुए डॉ. पंडा ने कहा कि SAIL का लक्ष्य वित्त वर्ष 2030-31 तक अपनी क्रूड स्टील क्षमता को बढ़ाकर लगभग 35 मिलियन टन प्रति वर्ष करना है। इसे हरित क्षमता निर्माण, कम कार्बन तकनीकों, डिजिटल सक्षमता और एमएसएमई (MSME) पारिस्थितिकी तंत्र के साथ एकीकरण के माध्यम से हासिल किया जाएगा।
