नीति आयोग ने लंबित मामलों के निपटारे और स्वच्छता के लिए 'विशेष अभियान 6.0' की शुरुआत की
नीति आयोग ने कार्यालयों में स्वच्छता को संस्थागत बनाने और लंबित शिकायतों व संदर्भों को न्यूनतम करने के उद्देश्य से विशेष अभियान 6.0 शुरू किया है।

नीति आयोग ने सचिवालय और अपने संबद्ध एवं अधीनस्थ कार्यालयों में स्वच्छता को संस्थागत रूप देने और लंबित मामलों को कम करने के लिए 'विशेष अभियान 6.0' शुरू किया है। इस अभियान के माध्यम से लोक शिकायतों, सांसदों के संदर्भों, राज्य सरकारों से प्राप्त संदर्भों, अंतर-मंत्रालयी संदर्भों, संसदीय आश्वासनों, प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के संदर्भों और लोक शिकायत अपीलों के लंबित मामलों के निपटारे पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके साथ ही अनावश्यक फाइलों और दस्तावेजों को हटाने, स्थान के बेहतर प्रबंधन और क्षेत्रीय कार्यालयों में कार्यस्थल के अनुभव को सुधारने पर बल दिया जाएगा।
यह पहल प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (DARPG) द्वारा 2021 में शुरू किए गए विशेष अभियान का हिस्सा है, जिसे 2022 से 2026 तक निरंतर जारी रखने का निर्णय लिया गया है। इससे पूर्व, नवंबर 2025 से अगस्त 2026 तक विशेष अभियान 5.0 चलाया गया था।
विशेष अभियान 5.0 में नीति आयोग के साथ-साथ विकास निगरानी एवं मूल्यांकन कार्यालय (DMEO), नीति भवन स्थित अटल इनोवेशन मिशन और नरेला स्थित राष्ट्रीय श्रम अर्थशास्त्र अनुसंधान एवं विकास संस्थान (NILERD) ने भी भाग लिया था। इस पिछले अभियान के दौरान नीति आयोग ने 4,105 लोक शिकायतों, 127 पीएमओ संदर्भों, 34 लोक शिकायत अपीलों और 5 संसदीय आश्वासनों का निपटारा किया।
अभियान 5.0 के तहत फाइलों के निस्तारण से लगभग 90 वर्ग फुट कार्यालयी स्थान खाली कराया गया और कबाड़ के माध्यम से कुल 1,96,905 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। इसी सफलता को आगे बढ़ाते हुए अब विशेष अभियान 6.0 का क्रियान्वयन किया जा रहा है।

